Pratapgarh News: प्रतापगढ़ में हिरासत में युवक की मौत पर गरमाई सियासत, सपा के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने परिवार से की मुलाकात

Pratapgarh News: Politics heats up over the death of a youth in custody in Pratapgarh; a 12-member SP delegation met the family.

Pratapgarh News:पट्टी कोतवाली क्षेत्र के मोलनापुर निवासी शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के बाद जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल लगातार बढ़ रही है। शनिवार, 26 सितंबर को समाजवादी पार्टी का 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मृतक के परिवार से मुलाकात करने प्रतापगढ़ पहुंचा। हालांकि प्रतिनिधिमंडल के कुछ नेताओं को पहले पुलिस ने उनके घरों पर ही रोक दिया। बाद में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में प्रतिनिधिमंडल और मृतक के परिजनों की मुलाकात पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में कराई गई। इस दौरान सपा नेताओं ने परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा और घटना की जानकारी ली।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचा था 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
सपा नेतृत्व की ओर से 26 सितंबर को मोलनापुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने के लिए 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया गया था। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेना और पूरे मामले की रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपना बताया गया था। प्रतिनिधिमंडल में प्रतापगढ़ सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल, कौशांबी सांसद पुष्पेंद्र सरोज, आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त, केराकत विधायक तूफानी सरोज, रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा और पट्टी विधायक राम सिंह पटेल सहित अन्य नेता शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल के नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
शनिवार को प्रतिनिधिमंडल के प्रतापगढ़ पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। सपा नेताओं के अनुसार, परिवार से मिलने जा रहे नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने रोक दिया। अंबेडकरनगर के आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त को भी उनके आवास पर पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।कानून प्रवर्तन

इसके बाद प्रतापगढ़ में भी प्रतिनिधिमंडल को सीधे मोलनापुर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल को पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पहुंचाया। इसके बाद मृतक शैलेश गौतम के परिजनों को भी डाक बंगले बुलाया गया, जहां दोनों पक्षों की मुलाकात कराई गई।

हाउस अरेस्ट के बावजूद पीछे नहीं हटे अब्दुल कादिर जिलानी
मामले में सपा जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी की सक्रियता भी खास रही। शनिवार सुबह पुलिस ने उन्हें उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया था। इसके बावजूद बाद में प्रशासन की अनुमति से वह सपा के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए पहुंचे। जिलानी प्रतिनिधिमंडल के साथ डटे रहे और परिवार से घटना की जानकारी लेकर उन्हें भरोसा दिलाया। सपा के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अब्दुल कादिर जिलानी का नाम आधिकारिक रूप से शामिल था।

सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी हाउस अरेस्ट हुए थे घर पर ही सुबह
डाक बंगले में परिजनों से मुलाकात, एक लाख का चेक सौंपा
डाक बंगले में सपा प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। नेताओं ने परिवार से घटना के संबंध में जानकारी ली और उनकी बात सुनी। इसके बाद सपा की ओर से परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा गया।

मुलाकात के बाद सपा नेताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा ने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत जैसे मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं पट्टी विधायक राम सिंह पटेल ने घटना की फॉरेंसिक और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

आखिर क्या है पूरा मामला?
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के मोलनापुर निवासी करीब 22 वर्षीय शैलेश गौतम उर्फ अर्जुन के खिलाफ एक 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में मामला दर्ज था। पुलिस के अनुसार किशोरी के दोबारा लापता होने के बाद उसे बरामद किया गया और उसके बयान के आधार पर अर्जुन का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए पट्टी कोतवाली लाई थी।

21 सितंबर 2026 को पट्टी कोतवाली परिसर में अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उसने कोतवाली के शौचालय में कंबल से फंदा बनाकर आत्महत्या की। वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अर्जुन की पिटाई की गई और उसकी मौत को आत्महत्या का रूप दिया गया।

मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया कि डीएम अभिषेक पांडेय ने 22 सितंबर को कहा था कि युवक की मौत लॉकअप के अंदर हुई थी, जबकि स्थानीय पुलिस की ओर से शौचालय में मौत की बात कही जा रही थी। डीएम ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।कानून प्रवर्तन

कोतवाल और विवेचक निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश
घटना के बाद प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर ने पट्टी कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी आनंद पाल सिंह और मामले के विवेचक उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया। अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई। जिलाधिकारी की ओर से मामले की मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया है और जांच तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

पिता की तहरीर पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा
घटना के बाद मृतक के पिता लल्लू राम की तहरीर पर किशोरी के पिता और भाई समेत अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या, धमकी और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। मृतक के पिता ने पुलिस पर बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस ने अपनी ओर से युवक की मौत को आत्महत्या बताया है। ऐसे में मामले की जांच में दोनों पक्षों के आरोप और उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

अंतिम संस्कार को लेकर भी हुआ था विवाद
अर्जुन की मौत के बाद परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली थी। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया था। परिवार की ओर से आर्थिक सहायता सहित कई मांगें रखी गई थीं। लगभग 20 घंटे की मान-मनौव्वल के बाद शव को दफनाया गया। गांव में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

इस बीच मामले को लेकर पट्टी में अधिवक्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और तहसील तथा रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज प्रभावित हुआ था। वहीं ग्राम प्रधान संघ की ओर से भी निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

शनिवार की मुलाकात के बाद फिर बढ़ी राजनीतिक हलचल
शनिवार को सपा प्रतिनिधिमंडल को परिवार से सीधे मोलनापुर में मुलाकात न करने देने और डाक बंगले में मुलाकात कराने के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। सपा नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को आर्थिक सहायता भी दी।

फिलहाल मामले में पुलिस अधिकारियों के निलंबन, मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश, मृतक के पिता की तहरीर पर दर्ज मुकदमे और सपा प्रतिनिधिमंडल की शनिवार की मुलाकात के बाद जांच के अगले चरण पर नजर है। युवक की मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर पुलिस का पक्ष और परिवार के आरोप अलग-अलग हैं; इसलिए जांच में सामने आने वाले साक्ष्य और आधिकारिक रिपोर्ट आगे की स्थिति स्पष्ट करने में अहम होंगे l

Read Also-hanuman ansh collection: रविवार को किस फिल्म ने मारी बाजी? ‘हनुमान अंश’ 300 करोड़ क्लब में, ‘द वन’ और Endgame भी दौड़ में

रिपोर्ट-उमेश पाण्डेय जिला संवाद दाता यूनाईटेड भारत

Show More

Related Articles

Back to top button