
Bihar News: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें उसके पैर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी है।
घटनास्थल की जांच के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस इस मामले की जांच के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस के संपर्क में आया। रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनी और नंदन यादव के पैर में गोली लगी। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले की जांच के लिए पहले ही विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया जा चुका है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
मामले में गिरफ्तारी को लेकर अलग-अलग समय पर अलग आंकड़े सामने आए हैं। मंगलवार सुबह की रिपोर्टों में पुलिस की ओर से पांच गिरफ्तारियों की जानकारी दी गई थी, जबकि करीब सात लोगों की पहचान किए जाने की बात कही गई थी। बाद की कार्रवाई में मुख्य आरोपी नंदन यादव और एक अन्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद पकड़े जाने की जानकारी सामने आई।
पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश जारी है। किसी भी आरोपी की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है जमुई का पूरा मामला?
यह मामला 19 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक नाबालिग छात्र और छात्रा दोपहिया वाहन से इलाके में गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि युवकों के समूह ने दोनों के साथ अभद्र व्यवहार किया और छात्रा के साथ बदसलूकी की। छात्र ने विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है।
घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया था। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान खींचा और पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का दबाव बढ़ा।
पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान शुरू की और इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस की नजर
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर और रीपोस्ट किए जाने को लेकर भी कार्रवाई शुरू की गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो शेयर न करें। ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
जमुई की घटना के सामने आने के बाद बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई का हवाला देते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। SIT वायरल वीडियो, घटनास्थल और आरोपियों से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। मुख्य आरोपी नंदन यादव के घायल होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में रखा गया है और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है।



