Rajya Sabha Election UP: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी दल अपने उम्मीदवारों और रणनीतियों पर मंथन कर रहे हैं। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए परिणामों की एक संभावित तस्वीर सामने आती है, लेकिन अंतिम स्थिति उम्मीदवारों की संख्या पर भी निर्भर करेगी।
बीजेपी गठबंधन को बढ़त
विधानसभा में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की संयुक्त ताकत सबसे अधिक है। इसी वजह से पार्टी कई सीटों पर सहज जीत की स्थिति में दिखाई देती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि समीकरण सामान्य रहे तो बीजेपी गठबंधन अधिकांश सीटों पर बढ़त बनाए रख सकता है।
सपा भी दो सीटों पर मजबूत
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के पास भी पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। यही वजह है कि विपक्ष दो सीटों पर अपनी दावेदारी को मजबूत मान रहा है। हालांकि अतिरिक्त उम्मीदवारों की स्थिति में विपक्ष को भी अपने वोटों की पूरी एकजुटता सुनिश्चित करनी होगी।
क्या फिर दोहराए जाएंगे पुराने घटनाक्रम?
पिछले राज्यसभा चुनावों में विधायकों के रुख को लेकर काफी चर्चा हुई थी। कुछ वोटों ने पूरे चुनाव का समीकरण बदल दिया था। इसी वजह से इस बार भी राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजरें क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर टिकी हैं।
हालांकि अभी तक किसी दल की ओर से ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन चुनावी माहौल में इस तरह की अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं।
दसवीं सीट बन सकती है सबसे दिलचस्प
चुनाव का सबसे रोचक पहलू दसवीं सीट को लेकर माना जा रहा है। यदि सभी दल सीमित उम्मीदवार उतारते हैं तो परिणाम अपेक्षाकृत स्पष्ट रहेंगे। लेकिन अतिरिक्त प्रत्याशी मैदान में उतरने की स्थिति में मुकाबला रोमांचक हो सकता है।
विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन
राज्यसभा चुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक दल इस चुनाव के जरिए अपने संगठन और विधायकों की एकजुटता का संदेश देना चाहेंगे। इसलिए आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति का केंद्र यही चुनाव बने रहने की संभावना है।
written by Siddhi Srivastava