वीरभानपुर से पंडिला तक निकली शोभायात्रा
मुन्ना विश्वकर्मा और अमरनाथ विश्वकर्मा के नेतृत्व में वीरभानपुर से पांडेश्वर नाथ धाम पंडिला तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, धार्मिक झांकियों और जयघोष के बीच निकली यात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
शोभायात्रा के पंडिला पहुंचने के बाद भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और समाज की उन्नति की कामना की।
समाज की एकता और संस्कृति पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बिंदू विश्वकर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा भारतीय संस्कृति में सृजन, निर्माण और तकनीकी कौशल के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व मेहनत, समर्पण और कार्य के प्रति निष्ठा का संदेश देता है।
डॉ. सुनील विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि श्रम और हुनर का सम्मान करने का अवसर भी है। उन्होंने समाज के कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
सामाजिक संवाद और भंडारे का आयोजन
उप निदेशक कृषि पवन विश्वकर्मा ने समाज की एकजुटता को मजबूत करने में ऐसे आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। वहीं विशिष्ट अतिथि अनिल विश्वकर्मा ने सामाजिक सहयोग और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने पर बल दिया।
कार्यक्रम में सामाजिक परिचर्चा के साथ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन देर रात तक चलता रहा।
युवाओं की भागीदारी रही खास
रियल एस्टेट कारोबारी संतोष विश्वकर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। वहीं पंकज मनु ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
कार्यक्रम का संचालन राममूरत विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रसाद वितरण और अतिथियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। डॉ. बिंदू विश्वकर्मा ने उपस्थित अतिथियों को भगवान विश्वकर्मा का चित्र और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
हजारों लोगों की रही मौजूदगी
आयोजन को सफल बनाने में समाज के अनेक पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने योगदान दिया। कार्यक्रम में विश्वकर्मा समाज के हजारों लोगों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।