
West Bengal Politics: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘पार्टी चोरी’ वाले बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और उसके पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिन राजनीतिक दलों का उदाहरण देकर बीजेपी पर आरोप लगा रहे हैं, उनके कांग्रेस से अलग होने का इतिहास भी उन्हें देखना चाहिए।
राहुल गांधी ने क्या लगाया था आरोप?
दरअसल, चुनाव आयोग की ओर से तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब TMC के मामले में एक जैसा पैटर्न देखने को मिल रहा है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर राजनीतिक दलों को विभाजित करते हैं और इसके बाद उनका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’, ‘सरकार चोरी’ और अब ‘पार्टी चोरी’ के रूप में बताया।
सुधांशु त्रिवेदी ने गिनाया NCP का इतिहास
राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने NCP का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी का गठन कांग्रेस से अलग होकर हुआ था।
त्रिवेदी ने 1999 के उस घटनाक्रम का हवाला दिया, जब शरद पवार, पीए संगमा और तारिक अनवर ने कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जिन दलों के इतिहास को लेकर वह बीजेपी पर आरोप लगा रहे हैं, उनके राजनीतिक सफर की पृष्ठभूमि को भी समझना चाहिए।
TMC पर भी BJP ने साधा निशाना
BJP प्रवक्ता ने तृणमूल कांग्रेस के गठन का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर 1997 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की थी।
सुधांशु त्रिवेदी ने इसी आधार पर राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाया और कहा कि TMC का इतिहास भी कांग्रेस से उसके अलग होने से जुड़ा हुआ है। BJP का तर्क है कि ऐसे में मौजूदा विवाद को केवल बीजेपी द्वारा किसी पार्टी को तोड़ने के आरोप के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
EC के आदेश से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद चुनाव आयोग के उस अंतरिम आदेश के बाद सामने आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा उपचुनावों को लेकर TMC के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी के नाम ‘All India Trinamool Congress’ और उसके आरक्षित ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया गया है।
आयोग के मुताबिक, दोनों गुट खुद को वास्तविक पार्टी बताते हुए दावा कर रहे हैं। इसलिए अंतिम निर्णय होने तक दोनों को अलग नाम और फ्री सिंबल के विकल्प देने को कहा गया है। यह व्यवस्था फिलहाल संबंधित उपचुनावों के लिए अंतरिम तौर पर लागू है।
अशोक गहलोत का भी किया जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के अंदर नेतृत्व को लेकर हुए पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अशोक गहलोत का नाम भी लिया। उन्होंने दावा किया कि गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में थे, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं।
BJP प्रवक्ता ने इस उदाहरण के जरिए कांग्रेस के अंदर होने वाले राजनीतिक मतभेदों पर राहुल गांधी को घेरा और कहा कि विपक्षी दलों में टूट या नेतृत्व विवाद के उदाहरण केवल बीजेपी से जुड़े नहीं हैं।
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अब आगे क्या?
TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग का फैसला फिलहाल अंतरिम व्यवस्था तक सीमित है। आयोग ने दोनों पक्षों से वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे हैं। TMC ने भी आयोग के निर्देश के तहत अपने विकल्प सौंपे हैं, हालांकि पार्टी ने यह कदम विरोध दर्ज कराते हुए उठाया है।
ऐसे में यह विवाद अब सिर्फ TMC के अंदरूनी संगठनात्मक मतभेद तक सीमित नहीं रहा है। राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच भी इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।



