विश्वविद्यालय की यह व्यवस्था विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जिन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पूरा किया है। पात्र छात्र सीधे पीएचडी कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
चार वर्षीय स्नातक के बाद सीधे रिसर्च का अवसर
नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद उच्च शिक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। इन्हीं बदलावों के तहत चार वर्षीय स्नातक डिग्री पूरी करने वाले छात्रों के लिए सीधे शोध कार्यक्रम में प्रवेश का रास्ता खोला गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य योग्य छात्रों को रिसर्च क्षेत्र में जल्दी अवसर देना है ताकि उन्हें अलग से पोस्टग्रेजुएट डिग्री पूरी करने का इंतजार न करना पड़े।
आवेदन के लिए क्या करना होगा?
उम्मीदवारों को विश्वविद्यालय के एडमिशन पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लॉगिन करने के बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक विवरण भरने होंगे। इसके साथ जरूरी दस्तावेज और रिसर्च प्रपोजल भी अपलोड करना होगा।
सभी जानकारियां भरने के बाद आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना आवश्यक है। सफल आवेदन के बाद कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
रिसर्च प्रपोजल पर विशेष ध्यान दें
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में रिसर्च प्रपोजल की अहम भूमिका होती है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रस्ताव की सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि किसी प्रकार का संशोधन या अपडेट करना है तो उसे अंतिम तिथि से पहले पूरा कर लें।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
विश्वविद्यालय ने उम्मीदवारों से कहा है कि वे अंतिम समय में तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए जल्द आवेदन करें। रजिस्ट्रेशन, फीस भुगतान और दस्तावेज अपलोड से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं आज समाप्त हो जाएंगी।
इसके बाद विषयवार चयन प्रक्रिया, इंटरव्यू और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी। इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से पोर्टल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।