Nandigram By Election : ममता ने अखिल गिरी से की बात, उम्मीदवार बनने की अटकलें तेज

Nandigram By Election : नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर ममता बनर्जी ने TMC नेता अखिल गिरी से संपर्क किया है। स्थानीय उम्मीदवार की चर्चा के बीच 6 अक्टूबर को होने वाले चुनाव पर सबकी नजरें हैं।

Nandigram By Election : पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) में उम्मीदवार चयन की कवायद तेज हो गई है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा वरिष्ठ नेता अखिल गिरी से संपर्क किए जाने के बाद उनके उपचुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

ममता बनर्जी खेमे के एक नेता के अनुसार, TMC प्रमुख ने अखिल गिरी से फोन पर बातचीत की और उन्हें शनिवार को अपने कालीघाट स्थित आवास पर मिलने के लिए बुलाया। इस घटनाक्रम को नंदीग्राम में स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता देने की पार्टी की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

अखिल गिरी ने कहा- पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, निभाऊंगा

अखिल गिरी ने बताया कि ममता बनर्जी ने उनसे आगामी उपचुनाव को लेकर राय मांगी थी। उन्होंने अपनी सलाह पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा दी है। गिरी के मुताबिक, उन्होंने WhatsApp के माध्यम से भी अपनी राय पार्टी को भेजी है।

उन्होंने कहा, “मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूं। अगर पार्टी मुझे कोई जिम्मेदारी देती है, तो मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।” हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार के नाम पर अंतिम निर्णय ममता बनर्जी ही लेंगी।

गिरी ने यह भी कहा कि नंदीग्राम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि, पार्टी नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।

नंदीग्राम में TMC के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

नंदीग्राम विधानसभा सीट तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक सफर में बेहद अहम स्थान रखती है। वर्ष 2007 का भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन इसी क्षेत्र से जुड़ा था, जिसने ममता बनर्जी और TMC को राज्य की राजनीति में मजबूत आधार दिया। इसी आंदोलन की पृष्ठभूमि में 2011 में वाम मोर्चे के 34 वर्षों के शासन का अंत हुआ और TMC सत्ता में आई।

हालांकि, बाद के वर्षों में नंदीग्राम TMC के लिए राजनीतिक चुनौती का प्रतीक बन गया। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को उनके पूर्व सहयोगी और BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से हरा दिया था।

2026 के विधानसभा चुनाव में भी सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इसी कारण अब 6 अक्टूबर को नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जाना है।

चुनावी हार के बाद संगठन को फिर से खड़ा करने की चुनौती

नंदीग्राम उपचुनाव TMC के लिए केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि यह पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन और राजनीतिक वापसी की शुरुआती परीक्षा भी माना जा रहा है।

मई में हुए विधानसभा चुनावों में 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद TMC को BJP के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद संभाला। ऐसे में नंदीग्राम में जीत हासिल करना TMC के लिए राजनीतिक मनोबल बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर भी विवाद

उपचुनाव की तैयारियों के बीच TMC संगठन के भीतर भी गंभीर संकट बना हुआ है। पार्टी के नाम और ‘घास पर दो फूल’ चुनाव चिह्न को लेकर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट और रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच विवाद चल रहा है।

दोनों गुट पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और फंड पर अपना दावा जता रहे हैं। चुनाव आयोग ने शनिवार को दोनों पक्षों के साथ बातचीत की, लेकिन इस मामले में अभी अंतिम निर्णय नहीं आया है।

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में उम्मीदवार चयन से लेकर चुनाव चिह्न के विवाद तक, TMC के सामने कई राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियां खड़ी हैं।

Show More

Related Articles

Back to top button