
NASA: अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई तकनीकी उपलब्धि सामने आई है। NASA और IBM ने मिलकर एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल विकसित किया है, जो चांद से जुड़े विशाल और जटिल डेटा का विश्लेषण करने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा। इस मॉडल का नाम NASA-IBM Lunar Foundation Model रखा गया है।
अब तक विभिन्न अंतरिक्ष मिशनों से चांद के बारे में बड़ी मात्रा में जानकारी जुटाई जा चुकी है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों से आए इस डेटा को एक साथ समझना आसान नहीं था। नया AI मॉडल इसी चुनौती का समाधान देने के लिए तैयार किया गया है।
कई मिशनों के डेटा पर हुई ट्रेनिंग
इस AI मॉडल को NASA के कई चंद्र मिशनों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर प्रशिक्षित किया गया है। इसमें चांद की सतह, भूगर्भीय संरचना, तापमान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की दर्जनों परतों का उपयोग किया गया है। मॉडल अलग-अलग प्रकार के डेटा को एक साथ जोड़कर विश्लेषण कर सकता है, जिससे शोधकर्ताओं को अधिक स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।
बर्फ की खोज में मिलेगी बड़ी मदद
वैज्ञानिक लंबे समय से चांद के ध्रुवीय क्षेत्रों में मौजूद संभावित बर्फ की तलाश कर रहे हैं। माना जाता है कि यह बर्फ भविष्य में पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन के स्रोत के रूप में काम आ सकती है। नया AI मॉडल उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा जहां बर्फ मिलने की संभावना अधिक है।
सुरक्षित लैंडिंग साइट चुनने में भी सहायक
यह तकनीक चंद्रमा की सतह पर मौजूद क्रेटरों की पहचान और मैपिंग भी कर सकती है। इससे भविष्य के मिशनों के लिए सुरक्षित लैंडिंग स्थल चुनना आसान होगा। साथ ही वैज्ञानिक चांद की ज्वालामुखीय गतिविधियों और भूगर्भीय संरचनाओं का भी बेहतर अध्ययन कर सकेंगे।
Artemis मिशन के लिए अहम कदम
NASA वर्ष 2028 के Artemis मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यह AI मॉडल चांद की सतह से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को तेजी से समझने और मिशन की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य के चंद्र और मंगल अभियानों की दिशा बदल सकती है।
written by Siddhi Srivastava



