
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। दुनिया के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई राष्ट्राध्यक्षों के दिल्ली पहुंचने के मद्देनजर एयरपोर्ट से लेकर होटल और सम्मेलन स्थल भारत मंडपम तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहेंगी।
एक तरफ दिल्ली में विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सड़कों और प्रमुख इलाकों को सजाया गया है, तो दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं। वीवीआईपी रूट पर दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ कमांडो और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। सम्मेलन के दौरान नेताओं की आवाजाही वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुतिन की सुरक्षा के लिए चार स्तर का सुरक्षा घेरा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस होटल में पुतिन ठहरेंगे, वहां चार स्तर की सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। इस सुरक्षा घेरे में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विशेष कमांडो और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहेंगे।
पुतिन की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए रूस से आने वाली उनकी अपनी सुरक्षा टीम भी मौजूद रहेगी। बताया गया है कि रूसी सुरक्षा कर्मी राष्ट्रपति के बेहद करीब रहेंगे। होटल के बाहर और आसपास की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था दिल्ली पुलिस के जिम्मे होगी।
इस पूरे सुरक्षा इंतजाम का मकसद राष्ट्रपति के होटल से सम्मेलन स्थल तक आवागमन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी की संभावना को कम करना है।
एयरपोर्ट से भारत मंडपम तक हाई अलर्ट
BRICS सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों के काफिले को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर उनके संबंधित होटलों और भारत मंडपम तक के रास्तों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
वीवीआईपी मूवमेंट वाले इलाकों को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटा गया है। इन सेक्टरों की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी गई है। डीसीपी और एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में रहेगी। सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।
दिल्ली में दिख रहा है BRICS का रंग
सुरक्षा के बीच राजधानी दिल्ली को विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए खास अंदाज में सजाया गया है। नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख इलाकों में फूलों, सजावटी पौधों और आकर्षक रोशनी से सजावट की गई है।
जनपथ और विंडसर प्लेस के आसपास भी विशेष लाइटिंग और सजावटी संरचनाएं लगाई गई हैं। एयरपोर्ट से लेकर सेंट्रल दिल्ली तक कई प्रमुख मार्गों पर BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय झंडे लगाए गए हैं।
इसके अलावा बड़े होर्डिंग्स, कटआउट और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत की तैयारियां की गई हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के आगमन से पहले दिल्ली का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है।
12 सितंबर से शुरू होगा BRICS का महामंथन
18वें BRICS शिखर सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम 12 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। बैठक में सदस्य देश वैश्विक राजनीति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आपसी सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
13 सितंबर को सम्मेलन की विस्तारित बैठक होगी। इसमें BRICS सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के अलावा आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के शामिल होने की संभावना है।
सम्मेलन के दौरान भारत और अन्य सदस्य देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। इसके अलावा शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुलाकातें भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं।
सुरक्षा के साथ कूटनीति पर भी रहेगी दुनिया की नजर
दिल्ली में होने वाला BRICS सम्मेलन सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति के बीच भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मंच भी है। पुतिन और जिनपिंग जैसे नेताओं की मौजूदगी के कारण सम्मेलन की गतिविधियों पर दुनियाभर की नजर रहेगी।
भारत जहां विदेशी मेहमानों के स्वागत और सम्मेलन की भव्य तैयारियों में जुटा है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि दो दिनों तक चलने वाला यह बड़ा आयोजन पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।



