
New Delhi News-दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले को सुप्रीम कोर्ट अपने पास मंगा सकता है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अवैध निर्माण और आवासीय क्षेत्रों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि अदालत की चिंता केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। पीठ ने संकेत दिया कि इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित किया जा सकता है।
लैंड यूज पर रहेगा अदालत का फोकस
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह फिलहाल अपनी सुनवाई को मुख्य रूप से लैंड यूज यानी जमीन के निर्धारित उपयोग से जुड़े पहलुओं तक सीमित रखना चाहता है। अदालत ने आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने पर भी सवाल उठाए।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत की चिंता पूरे देश को लेकर है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मामले को लेकर अदालत की व्यापक मंशा स्पष्ट होगी।
पीठ ने कहा कि आवासीय इलाकों में ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए, जिनसे आम लोगों के आने-जाने में परेशानी हो या बच्चों के खेलने जैसी सामान्य गतिविधियां प्रभावित हों।
सात लोगों की हुई थी मौत
सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए इमारत से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में 75 वर्षीय मकान मालकिन उर्मिला गुप्ता, उनके 81 वर्षीय सेवानिवृत्त वायुसेना कर्मी पति हरिराम गुप्ता और उनका 52 वर्षीय बेटा महेश गुप्ता शामिल हैं।
दुकान के लिए दीवार तोड़ने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, इमारत के भूतल पर दुकान बनाने के लिए एक दीवार हटाई गई थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इसी बदलाव से इमारत की संरचना प्रभावित हुई और बाद में पूरा भवन ढह गया।
MCD ने शुरू की व्यापक कार्रवाई
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने राजधानी के सभी 12 जोन में अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। खतरनाक इमारतों और अनधिकृत निर्माण की पहचान कर कई स्थानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।
पिछले कुछ दिनों में निगम की टीमों ने विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत कई इलाकों में कार्रवाई की।
सत्य निकेतन हादसे के बाद अवैध निर्माण और आवासीय इलाकों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश आने की संभावना है।



