आल्हा की गूंज और ब्रज की फूलों वाली होली ने बांधा समां

The echo of Alha and the flowery Holi of Braj tied the knot

उत्तर प्रदेश क्षेत्र केंद्र प्रयागराज में व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी एवं संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति उत्सव’ का मंगलवार को समापन हुआ। 6 से 8 सितंबर तक चले महोत्सव में प्रदेश की लोक कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं की रंगारंग झलक देखने को मिली।समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन प्रयागराज के उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह उपस्थित रहे। व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की संस्थापक डॉ. मधु शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि संग कलाकार

 

 

 

 

 

मेयर गणेश केसरवानी ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं को भी संरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति को बढ़ावा देने से आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत से जुड़ी रहेंगी। उन्होंने डॉ. मधु शुक्ला के प्रयासों की सराहना की।समारोह में रायबरेली की सुप्रसिद्ध लोक गायिका काजल सिंह और उनके साथियों ने जोशीला आल्हा गायन प्रस्तुत किया। देवी जगदम्बा की महिमा से शुरू हुई प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं वृंदावन की कान्हा अकादमी के कलाकारों ने ब्रज लोकनृत्य और फूलों की होली की मनमोहक प्रस्तुति देकर ब्रज की भक्तिमय संस्कृति से दर्शकों को रूबरू कराया।दिन में आयोजित वाद-विवाद और परिधान प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में प्रशांत त्रिपाठी, शाम्भवी शुक्ला, श्रेयस शुक्ला सहित आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।

रिपोर्ट : आकाश त्रिपाठी

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