
Fake Visa Racket: मुंबई। विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर लोगों को फंसाने वाले एक कथित नेटवर्क पर मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। क्राइम ब्रांच ने योगानंद पुजारी नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कई वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा था।
2019 से जांच एजेंसियों की नजर में था आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला वर्ष 2019 में सामने आया था। जांच के दौरान कुछ दस्तावेजों और टिकटों में गड़बड़ी मिलने के बाद एक बड़े नेटवर्क की आशंका जताई गई थी। तभी से आरोपी की तलाश जारी थी।
इमिग्रेशन जांच ने खोली परतें
अधिकारियों को एयरपोर्ट पर जांच के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले, जिनकी वैधता पर सवाल उठे। इसके बाद जांच एजेंसियों ने पूरे मामले की पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में विदेश यात्रा से जुड़े दस्तावेजों में कथित अनियमितताओं का पता चला।
डिजिटल माध्यम से भेजे जाते थे दस्तावेज
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर फर्जी वीजा और टिकट तैयार कर ऑनलाइन माध्यम से लोगों तक पहुंचाए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन शामिल था।
कई अन्य मामलों की भी जांच
क्राइम ब्रांच को शक है कि आरोपी का संबंध इसी तरह के कई अन्य मामलों से भी हो सकता है। इसलिए उसके पुराने संपर्कों, लेन-देन और विदेश भेजे गए लोगों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
written by Siddhi Srivastava



