
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मठों, मंदिरों और अखाड़ों में अपनी अपनी परंपरा के अनुसार जन्मोत्सव मनाया गया। ऐसा ही नजारा कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में मध्य रात्रि में देखने को मिला। जहां पर साधुओं ने अखाड़े की परंपरा के अनुसार कृष्ण जन्मोत्सव का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया। इस दौरान भगवान कृष्ण के बाल्य रूप का पंचामृत स्नान करा उन्हें नये वस्त्र धारण कराए गए। जिसके तदोप्रांत भगवान का पूजन अर्चन कर प्रसाद का वितरण किया गया। जनमोत्सव की बेला में महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव महंत यमुनापुरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहें। उनके साथ पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत दुर्गादास, अटल अखाड़ा के महंत भूधर गिरी, पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के कोठारी व्यासमुनि, पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन सचिव हंसमुनि, महंत माधवानंद, महंत विश्वासानंद, पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के सचिव महंत जगतार मुनि, निर्मल पंचायती अखाड़ा से देवेंद्र सिंह शास्त्री मौजूद रहें। भगवान का पूजन अखाड़े के पुजारी पंडित दिनेश चंद्र जोशी और रवि शर्मा ने विधिविधान से कराया। इसी के साथ साधुओं ने नेपाल त्रासदी में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी के साथ ही साुधओं द्वारा मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदत पहुंचाने के लिए भी योजना बनाई जा रही हैं।



