
Shubman Gill said-भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया दूसरा टेस्ट रोमांचक उतार-चढ़ाव के बाद ड्रॉ पर समाप्त हुआ। भारतीय टीम ने मुकाबले में लंबे समय तक दबदबा बनाए रखा और जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन श्रीलंका के युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा ने दूसरी पारी में शानदार शतक लगाकर भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम भले ही मुकाबला जीत नहीं सकी, लेकिन इस मैच में अंततः टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई।
154 ओवर तक श्रीलंका ने किया संघर्ष
भारत ने श्रीलंका पर लगातार दबाव बनाए रखा। भारतीय गेंदबाजों ने विकेट निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया और टीम को करीब 150 ओवर तक मैदान पर फील्डिंग करनी पड़ी। इसके बावजूद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने धैर्य नहीं खोया।
सोनल दिनुषा ने दूसरी पारी में भी शतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट से दूर रखा। श्रीलंका ने 154 ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले को ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की। मेजबान टीम के लिए यह परिणाम किसी जीत से कम नहीं रहा।
शुभमन गिल ने कहा कि भारतीय टीम ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की। उनके मुताबिक मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए फॉलोऑन जैसे फैसलों पर अब चर्चा करना पीछे मुड़कर देखने जैसा होगा। कप्तान ने कहा कि मैदान पर उस समय उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर सबसे बेहतर फैसला लेने की कोशिश की जाती है।
गिल ने श्रीलंका की वापसी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह शानदार मुकाबला रहा और भारतीय टीम के लिए भी इससे कई सकारात्मक बातें सामने आईं।
श्रीलंका से भी सीखने की बात कही
शुभमन गिल ने श्रीलंकाई टीम की वापसी को बेहतरीन बताते हुए कहा कि विपक्षी टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में जिस तरह संघर्ष किया, वह देखने लायक था। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी तारीफ की और माना कि गेंदबाजों ने अपनी ओर से शानदार प्रयास किया।
देवदत्त पडिक्कल बने प्लेयर ऑफ द सीरीज
भारत के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। केएल राहुल समेत भारतीय युवा बल्लेबाजों ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया।
पडिक्कल ने कहा कि टीम मुकाबला जीतना चाहती थी, लेकिन ड्रॉ के बावजूद इस मैच से खिलाड़ियों को काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने माना कि परिस्थितियां धीमी थीं और ऐसी पिच पर बल्लेबाजी के लिए स्पष्ट योजना और धैर्य की जरूरत होती है।
पडिक्कल ने कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य टीम के लिए योगदान देना है और वह किसी भी बल्लेबाजी क्रम पर खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने भारतीय टीम को युवा और उत्साही बताते हुए कहा कि खिलाड़ियों में आगे बेहतर प्रदर्शन करने की काफी भूख है।
सोनल दिनुषा रहे श्रीलंका के हीरो
श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा मुकाबले के सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने दोनों पारियों में शतक लगाकर भारतीय टीम को जीत से रोक दिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
दिनुषा ने अपनी सफलता का श्रेय मैच से पहले की गई कड़ी तैयारी, कोचिंग स्टाफ और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि मुकाबले से पहले उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया था, जिसका फायदा उन्हें मैदान पर मिला।
उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों की भी तारीफ की और कहा कि मुश्किल समय में टेलएंडर्स ने उनका साथ दिया, जिससे वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बना सके।
धनंजय डी सिल्वा ने युवा खिलाड़ियों की तारीफ की
श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ की सराहना की। उन्होंने सोनल दिनुषा के प्रदर्शन को टीम के लिए बड़ी सकारात्मक खबर बताया।
धनंजय ने कहा कि टीम में युवा प्रतिभाओं का उभरना एक तरह से ‘अच्छा सिरदर्द’ है, क्योंकि इससे टीम के पास भविष्य के लिए कई विकल्प तैयार हो रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दूसरी पारी में उन्हें खुद अधिक देर तक बल्लेबाजी करनी चाहिए थी।
कुल मिलाकर, भारतीय टीम जीत के करीब पहुंचकर भी मुकाबला अपने नाम नहीं कर सकी, जबकि श्रीलंका ने शानदार संघर्ष के दम पर ड्रॉ हासिल किया। इस मुकाबले में दोनों टीमों के युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
Read Also-Sports-Cricket-ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए भारत की अंडर-19 टीम घोषित, सहवाग और द्रविड़ के बेटों को मौका



