
Kejriwal’s opposition to E20: E20 पेट्रोल नीति को लेकर आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च निकालने पहुंचे। उनका कहना था कि वे E20 पेट्रोल के खिलाफ 2.3 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाली याचिका प्रधानमंत्री को सौंपना चाहते हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने मार्च को बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल और अन्य AAP नेता फिरोजशाह रोड पर धरने पर बैठ गए।
क्या है पूरा मामला?
आम आदमी पार्टी पिछले कई दिनों से E20 पेट्रोल का विरोध कर रही है। पार्टी का दावा है कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन मालिकों को नुकसान हो सकता है। AAP की मांग है कि लोगों को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प दिया जाए। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया था।
2.3 लाख से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल के खिलाफ 2.3 लाख से अधिक लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। उनका दावा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से मुलाकात का समय मांगा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने खुद प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालकर याचिका सौंपने का फैसला किया।
पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर रोका
मंगलवार दोपहर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य AAP नेता समर्थकों के साथ मार्च पर निकले। लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें 5, फिरोजशाह रोड से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी।
सड़क पर ही धरने पर बैठे AAP नेता
मार्च रोके जाने के बाद अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज सुनना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी और E20 नीति के खिलाफ आंदोलन आगे भी चलता रहेगा।
भाजपा ने साधा निशाना
AAP के प्रदर्शन पर भाजपा ने भी पलटवार किया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केजरीवाल राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं AAP का कहना है कि यह आंदोलन आम वाहन चालकों और उपभोक्ताओं के हितों की लड़ाई है।मार्च भले ही पीएम आवास तक नहीं पहुंच सका, लेकिन E20 पेट्रोल को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखेगी और सरकार पर दबाव बनाती रहेगी।



