
NEET Paper Leak : NEET पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। एजेंसी ने 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने और एजेंसी में व्यापक सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।
एक महीने में होगा NTA का पुनर्गठन
सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले एक महीने के भीतर NTA का व्यापक पुनर्गठन (Restructuring) करने की तैयारी में है। इसके तहत एजेंसी की प्रशासनिक व्यवस्था, कार्यप्रणाली और परीक्षा संचालन से जुड़े कई अहम बदलाव किए जाएंगे। उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था में भी होंगे बड़े बदलाव
सरकार NTA की मौजूदा आउटसोर्सिंग व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही है। विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा संचालन और सुरक्षा से जुड़ी नई व्यवस्था लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि भविष्य में संवेदनशील प्रक्रियाओं पर निगरानी और जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा।
लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली बनाने पर जोर
केंद्र सरकार का लक्ष्य ऐसी लीक-प्रूफ परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिससे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा मजबूत किया जा सके।
NTA हर वर्ष NEET, JEE, CUET समेत 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करती है। हालिया पेपर लीक विवाद के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
शिक्षा मंत्रालय में भी हुआ बड़ा बदलाव
परीक्षा सुधारों की दिशा में केंद्र सरकार ने हाल ही में उच्च शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी की जगह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया सचिव नियुक्त किया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि गंगवार राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उनकी प्राथमिकताओं में प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, छात्रों का भरोसा बहाल करना और NTA की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा शामिल है।
वर्तमान में NTA का ढांचा
वर्तमान में NTA में 22 कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। 38 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। 138 आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। 29 अक्टूबर 2024 को सरकार ने 16 नए पदों का सृजन किया था, जिनमें 8 निदेशक और 8 संयुक्त निदेशक स्तर के पद शामिल हैं।
सरकार का संदेश: जवाबदेही और पारदर्शिता
विशेषज्ञों का मानना है कि NTA में की गई कार्रवाई केवल अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की व्यापक पहल का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य भविष्य में किसी भी तरह के पेपर लीक विवाद को रोकना और परीक्षाओं की विश्वसनीयता को और मजबूत करना है।



