
Monsoon Session: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना, पेपर लीक नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना और छात्रों का भरोसा बहाल करना है।
क्या होंगे नए प्रावधान?
संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित गिरोहों से जुड़े मामलों में सजा और जुर्माने को पहले से कहीं अधिक कठोर बनाया गया है।
प्रस्तावित कानून के अनुसार—
- अधिकतम 10 साल तक की जेल
- ₹10 करोड़ तक का जुर्माना
- संगठित पेपर लीक नेटवर्क और माफिया पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
का प्रावधान किया गया है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में की जाएगी और ऐसे मामलों में तीन महीने के भीतर फैसला सुनाना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा दोषियों को जल्द सजा मिल सकेगी।
सोमवार को संसद में पेश होगा बिल
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब इस संशोधन विधेयक को सोमवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में यह विधेयक प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद संसद में इस पर चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने कहा कि नए कानून का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, संगठित पेपर लीक गिरोहों को खत्म करना और छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करना है।
सरकार का दावा है कि संशोधित कानून लागू होने के बाद पेपर लीक माफिया के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई संभव होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
CJP प्रतिनिधिमंडल से भी हुई बैठक
इधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक में संगठन ने परीक्षा सुधारों से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें और पांच सुझाव सरकार के सामने रखे।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है और प्रतिनिधिमंडल के साथ अगली बैठक में आगे की जानकारी साझा की जाएगी।



