
Delhi Protest : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े छात्रों के मुद्दे और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ दोपहर में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी सड़क पर लेट गए और विरोध जताते हुए कहा, “Democracy in India is happening right now.”
पुलिस ने बस में बैठाकर हिरासत में लिया
दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने राहुल गांधी को प्रदर्शन स्थल से हटाकर पुलिस बस में बैठाया। इसी दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान राहुल गांधी को हल्की चोट भी लगी।
प्रदर्शन में शामिल कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से –
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- NEET से जुड़े मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा।
- प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच।
- छात्रों को न्याय दिलाने और उनकी मांगों पर सरकार का स्पष्ट रुख।
- प्रियंका गांधी का सरकार पर निशाना
हिरासत में लिए जाने से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार को छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
खड़गे ने सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा।
विपक्ष का सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास
कांग्रेस और विपक्षी दलों का कहना है कि NEET से जुड़े मुद्दों और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार जवाबदेह बने। वहीं सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रदर्शन और हिरासत की इस कार्रवाई के बाद संसद के मानसून सत्र में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।



