India Panama Relations: पनामा लैटिन अमेरिका का प्रवेश द्वार, भारत ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर दिया जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-अचा वास्केज़ के बीच व्यापार, समुद्री सहयोग, स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक समेत कई मुद्दों पर हुई अहम वार्ता

India Panama Relations: भारत और पनामा के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में सोमवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आए पनामा के विदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेज-अचा वास्केज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई।

बैठक के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पनामा भारत के लिए लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है। उन्होंने लिखा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, कारोबार, विकास, समुद्री मामलों, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और डिजिटल सहयोग को नई गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और पनामा की सरकारें द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा एवं व्यापक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि पनामा का रणनीतिक भौगोलिक स्थान, मजबूत आर्थिक स्थिरता और विकास की क्षमता भारत के लिए उसे एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है।

पनामा नहर को बताया वैश्विक लॉजिस्टिक्स का उदाहरण

विदेश मंत्री ने कहा कि पनामा नहर के कारण देश का लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी दुनिया के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पनामा की लगातार मजबूत आर्थिक विकास दर और वैश्विक व्यापार में उसकी भूमिका भारत के साथ सहयोग की नई संभावनाएं खोलती है।

जयशंकर ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में पनामा जैसे रणनीतिक साझेदारों के साथ मजबूत संबंध दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होंगे।

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बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग पर भी चर्चा

बैठक में दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई। डॉ. जयशंकर ने पनामा सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के आत्मरक्षा के अधिकार के समर्थन और आतंकवाद के सभी स्वरूपों की स्पष्ट निंदा करने के लिए भारत पनामा का आभारी है।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर साझा प्रयास और मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

भारत और पनामा के बीच हुई यह उच्चस्तरीय बैठक दोनों देशों के आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

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