
PM Modi on Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए सांसदों से सकारात्मक, तथ्य आधारित और सार्थक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर आवाज को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना भी सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती। अगर तर्क मजबूत है और तथ्य मजबूत हैं, तो शांत चित्त से भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र में सभी सांसद राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे।
‘मानसून और मानसून सत्र दोनों देश के लिए फायदेमंद हों’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत मानसून का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि जिस तरह अच्छी बारिश देश की खुशहाली और किसानों के लिए जरूरी होती है, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी देशहित में उपयोगी साबित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी की यही प्रार्थना है कि मानसून भी सक्रिय रहे और संसद का यह सत्र भी सकारात्मक परिणाम लेकर आए।
राष्ट्रहित की आवाज को मिले पूरा मंच
पीएम मोदी ने कहा कि आज समय की मांग है कि राष्ट्रनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़े विचारों को संसद में पूरा अवसर मिले। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखें ताकि लोकतंत्र और अधिक मजबूत हो सके।
युवाओं की उपलब्धियों का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में देश की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व होना चाहिए।
उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में एक भारतीय निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस स्टार्टअप की टीम की औसत उम्र केवल 28 वर्ष है।
इसी दौरान प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मैं 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि 28 साल की औसत उम्र वाले युवाओं की बात कर रहा हूं, जिन्होंने अंतरिक्ष में भारत का झंडा बुलंद किया है।”
हाइड्रोजन ट्रेन, सेमीकंडक्टर और रिफाइनरी का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल के दिनों में देश को कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं समर्पित की गई हैं। इनमें नई तेल रिफाइनरी, सेमीकंडक्टर प्लांट और भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों ने भारत को दुनिया के चुनिंदा देशों की श्रेणी में पहुंचाया है और यह देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा उद्यमियों की मेहनत का परिणाम है।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ रहा भारत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत लगातार सुधारों के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, सरकार के सुधारवादी फैसलों का ही परिणाम है कि आज देश के युवा बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा अब नई गति से आगे बढ़ रही है।
वैश्विक संकट के बावजूद मजबूत अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरकों की आपूर्ति पर दबाव के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन किया है।
उन्होंने दावा किया कि भारत करीब 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने इसे देश के दृढ़ संकल्प और प्रभावी नीतियों का परिणाम बताया।
मानसून सत्र में सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि संसद का मानसून सत्र लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप चलेगा और सभी दल देशहित के मुद्दों पर रचनात्मक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि देश को दिशा देने वाला सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है।



