
RAM MANDIR DARSHAN-योगी सरकार के नेतृत्व में विकसित हो रही रामनगरी अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। हाल में सामने आए दान चोरी प्रकरण के बावजूद राम मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना कानून-व्यवस्था और जांच का विषय है, जिसकी पुलिस और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था अटूट है और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
देश भर से पहुंच रहे श्रद्धालु, दर्शन व्यवस्था सामान्य
देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन का क्रम सामान्य रूप से जारी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि किसी एक घटना को करोड़ों लोगों की आस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। रामलला हमारे आराध्य हैं और अयोध्या हमारी सनातन आस्था की प्रतीक है। हम रामलला के दर्शन को आए हैं जिनसे हमें आत्मिक बल प्राप्त होता है।
श्रद्धालुओं ने जताया जांच एजेंसियों पर भरोसा
दिल्ली से दर्शन करने आई श्रद्धालु पूजा ने कहा कि वह रामलला के दर्शन के लिए आई हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि पुलिस एवं एसआईटी अपना कार्य पूरी निष्पक्षता से कर रही है। इस घटना का उनकी आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रूपचंद्र मारवाड़ी ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। जांच अपनी जगह है और दर्शन अपनी जगह। उन्हें न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है।
स्थानीय लोगों ने कहा- सामान्य है माहौल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या पहले की तरह बनी हुई है। होटल, धर्मशालाएं, बाजार और धार्मिक स्थल सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं तथा पूरे शहर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है। स्थानीय व्यवसायी अजय शुक्ला ने कहा कि अयोध्या की पहचान भगवान श्रीराम और यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का जिस तरह विकास हुआ है, उससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हुआ है।
बाजार पर नहीं पड़ा कोई असर, देर रात तक हो रही खरीदारी
व्यवसायी मनोज गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। सुबह से देर रात तक बाजारों में खरीदारी, प्रसाद और अन्य धार्मिक सामग्री की बिक्री सामान्य रूप से हो रही है। लोगों को जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। व्यवसायी दीपक गुप्ता ने कहा कि उनकी दुकान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा सामग्री, गमछा और धार्मिक वस्तुएं खरीदने आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में सड़क, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में हुए सुधार का लाभ व्यापारियों और श्रद्धालुओं दोनों को मिला है।
सरयू घाट पर लगातार चहल-पहल, परिवहन सेवाएं सामान्य
सरयू घाट पर फोटोग्राफी का कार्य करने वाले मनीष मोदनवाल ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू स्नान और रामलला के दर्शन के बाद अपनी यादगार तस्वीरें खिंचवाने पहुंच रहे हैं। घाटों पर पहले जैसी ही रौनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था भगवान श्रीराम और मां सरयू के प्रति है, इसलिए किसी घटना से उनके विश्वास पर कोई असर नहीं पड़ा है। ई-रिक्शा चालक राजू पाल ने कहा कि वह प्रतिदिन श्रद्धालुओं को राम मंदिर, सरयू घाट और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचाते हैं। पिछले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। बेहतर सड़कें, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए विकसित सुविधाओं से पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिला है।
हनुमानगढ़ी क्षेत्र में भी सामान्य है व्यापार
हनुमानगढ़ी के निकट प्रसाद व्यवसायी जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीराम और हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद उनकी दुकान से प्रसाद खरीदते हैं। हाल की घटना के बावजूद व्यापार सामान्य रूप से चल रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था भगवान श्रीराम और हनुमानजी के प्रति है, इसलिए किसी घटना से उनके विश्वास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि अयोध्या की पहचान उसकी सनातन परंपरा, आध्यात्मिक वातावरण और भगवान श्रीराम के प्रति करोड़ों लोगों की अटूट आस्था से है। उनका विश्वास है कि योगी सरकार और प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए अयोध्या की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करेंगे।



