
US Supreme Court : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश को बड़ा झटका देते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उस कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर रोक जारी रखी, जिसमें अमेरिका में जन्मे कुछ बच्चों को नागरिकता देने से इनकार करने का प्रावधान किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि फिलहाल ट्रंप के आदेश को लागू नहीं किया जा सकता। यह आदेश उन बच्चों की अमेरिकी नागरिकता को मान्यता नहीं देने से जुड़ा था, जिनके माता-पिता में से कोई भी अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) नहीं है।
क्या था ट्रंप का आदेश?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान अवैध और कानूनी आव्रजन (Immigration) पर सख्ती की नीति के तहत यह कार्यकारी आदेश जारी किया था। आदेश के अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने मात्र से नागरिकता नहीं मिलेगी यदि बच्चे के माता-पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी नहीं हैं।
हालांकि इस आदेश को कई राज्यों, मानवाधिकार संगठनों और प्रभावित परिवारों ने अदालत में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि यह अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) का उल्लंघन करता है।
14वें संशोधन पर क्या है विवाद?
अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन स्पष्ट करता है कि अमेरिका में जन्म लेने वाला और वहां के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) के अधीन रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति अमेरिकी नागरिक होगा।
दशकों से इस प्रावधान की व्याख्या अमेरिका में जन्मे लगभग सभी बच्चों को नागरिकता देने के रूप में की जाती रही है। इसके केवल सीमित अपवाद हैं, जैसे विदेशी राजनयिकों या दुश्मन देश की कब्ज़ा करने वाली सेना के सदस्यों के बच्चे।
ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि “अधिकार क्षेत्र के अधीन” होने का अर्थ केवल अमेरिका में जन्म लेना नहीं है, बल्कि माता-पिता की अमेरिका के प्रति कानूनी और स्थायी निष्ठा भी आवश्यक है। इसलिए अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीजा पर रहने वाले लोगों के बच्चों को स्वतः नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।
कानूनी चुनौती और कोर्ट का फैसला
ट्रंप के आदेश के खिलाफ न्यू हैम्पशायर में प्रभावित परिवारों की ओर से क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया था। निचली अदालत ने आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा है।
इस फैसले के साथ ट्रंप प्रशासन की जन्म के आधार पर नागरिकता समाप्त करने की प्रमुख योजना को बड़ा झटका लगा है। हालांकि ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक स्तर पर आगे भी प्रयास जारी रखेंगे। रिपब्लिकन सांसद भी कांग्रेस के माध्यम से इस नीति में बदलाव की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
इमिग्रेशन नीति पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अमेरिका की इमिग्रेशन नीति और नागरिकता कानूनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता का संवैधानिक अधिकार पहले की तरह लागू रहेगा, जबकि इस विषय पर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी रहने की संभावना है।



