राम मंदिर ट्रस्ट जांच: ‘चंपत राय-अनिल मिश्रा को क्लीनचिट नहीं’, जांच का दायरा बढ़ा- अब भूमि सौदों की भी होगी जांच

राम मंदिर ट्रस्ट जांच में नया मोड़। SIT अब चढ़ावा चोरी के साथ 11 विवादित भूमि सौदों की भी जांच करेगी। चंपत राय और अनिल मिश्रा को अब तक क्लीनचिट नहीं मिली।

अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को अब तक किसी प्रकार की क्लीनचिट नहीं मिली है। वहीं, उनके इस्तीफे स्वीकार किए जाने या ट्रस्ट की अगली बैठक को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इस बीच विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए चढ़ावा चोरी के साथ-साथ श्रीराम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए विवादित भूमि खरीद सौदों को भी जांच में शामिल कर लिया है।

11 भूमि सौदों के दस्तावेज SIT को सौंपे गए

सूत्रों के मुताबिक, कई ऐसे भूमि सौदों की जांच की जाएगी जिनमें कम कीमत वाली जमीन ट्रस्ट द्वारा अपेक्षाकृत अधिक मूल्य पर खरीदे जाने के आरोप लगाए गए हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी के एक राज्यसभा सांसद ने 11 विवादित भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेज एसआईटी अध्यक्ष को सौंपे हैं।

जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों के आधार पर भूमि खरीद प्रक्रिया, मूल्य निर्धारण और कई रजिस्ट्रियों में बार-बार एक ही दो व्यक्तियों के गवाह बनने की परिस्थितियों की भी जांच करेगी।

चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों के घरों पर छापेमारी

उधर, चढ़ावा चोरी प्रकरण में अयोध्या पुलिस ने रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस की छह टीमों ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा समेत अन्य आरोपियों के घरों की तलाशी ली।

इस दौरान परिजनों से पूछताछ की गई और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। पुलिस को आशंका है कि चोरी से जुड़े वित्तीय साक्ष्य या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

25 जून को दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तार सभी आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से संबंधित एक याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मेंशनिंग के लिए सूचीबद्ध है। यदि शीर्ष अदालत सुनवाई स्वीकार करती है तो जांच की दिशा और दायरे पर इसका असर पड़ सकता है।

हर पहलू की होगी जांच

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब चढ़ावा चोरी और विवादित भूमि खरीद मामलों की समानांतर जांच करेगी। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों की प्रामाणिकता और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, अब तक किसी भी भूमि सौदे में एसआईटी ने किसी व्यक्ति या ट्रस्ट की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है और जांच जारी है।

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