UP News : जेवर में 14,985 करोड़ रुपये के निवेश की सौगात, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग का बनेगा बड़ा हब

UP News : जेवर में 14,985 करोड़ रुपये के निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार मिलेगी। योगी आदित्यनाथ ने दो बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

UP News : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर को शनिवार को करीब 14,985 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने के साथ 40 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

पहली परियोजना 6,785 करोड़ रुपये की लागत से अंबर एंटरप्राइजेज और कोरिया सर्किट्स के संयुक्त उपक्रम एसेंट के सर्किट्स द्वारा स्थापित की जा रही इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। वहीं दूसरी परियोजना 8,200 करोड़ रुपये की लागत से एसएईएल (SAEL) का इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है, जो जेवर को देश के प्रमुख सोलर उत्पादन केंद्रों में शामिल करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बनने वाले करीब 55 प्रतिशत मोबाइल फोन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 55 से 60 प्रतिशत उत्पादन भी इसी क्षेत्र में हो रहा है। नई परियोजनाओं से प्रदेश की इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में स्थिति और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि एसएईएल का प्लांट प्रतिवर्ष 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल के उत्पादन की क्षमता विकसित करेगा। इससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत की निर्यात क्षमता में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार अगले दो से तीन वर्षों में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं से केवल बड़े उद्योग ही नहीं, बल्कि एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि अकेले एसएईएल परियोजना से करीब 20 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश के छह लाख परिवार सौर ऊर्जा का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उनके बिजली बिलों में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी आई है।

कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब तक करीब 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) का आयात किया जाता था, लेकिन अब इसका निर्माण भारत में ही होगा और इसकी शुरुआत जेवर से होगी। उन्होंने इसे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा करीब 2 घंटे 10 मिनट और जेवर से लखनऊ की यात्रा 1 घंटा 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से जेवर में विकसित किए जा रहे 206 एकड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में पहली औद्योगिक इकाई की आधारशिला भी रखी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, फिल्म सिटी और शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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