International Update: ब्रिक्स की साझा सुरक्षा रणनीति! साइबर हमलों से आतंकवाद तक, नए खतरों के खिलाफ एकजुट हुए सदस्य देश

नई दिल्ली में एनएसए बैठक में भारत की अध्यक्षता में साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर बनी साझा रणनीति; सितंबर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले अहम संदेश।

International Update: बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच ब्रिक्स देशों ने साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा और नई तकनीकों के दुरुपयोग जैसे उभरते खतरों से सामूहिक रूप से निपटने का संकल्प लिया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की 16वीं बैठक में सदस्य देशों ने सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर व्यापक चर्चा करते हुए सामूहिक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

साइबर, आतंकवाद और नई तकनीकों पर विशेष फोकस

विदेश मंत्रालय के अनुसार बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा, साइबर हमलों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग, आतंकवादी नेटवर्क द्वारा नई तकनीकों के इस्तेमाल तथा जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में मई 2026 में आयोजित ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह तथा जून 2026 में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सुरक्षा कार्य समूह की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सदस्य देशों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय, सूचना साझा करने और क्षमता निर्माण को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

भारत की अध्यक्षता को मिला पूरा समर्थन

ब्रिक्स देशों ने वर्ष 2026 के लिए भारत की अध्यक्षता और इसकी थीम “Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” का समर्थन किया। सदस्य देशों ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बहुपक्षीय सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

International Update: भारत-माली बिजनेस फोरम से बढ़ेगा व्यापार, ‘ग्लोबल साउथ’ को मिला नया आर्थिक मंच

प्रधानमंत्री मोदी से की संयुक्त मुलाकात

बैठक के समापन के बाद सभी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता का उद्देश्य व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना और सुरक्षित व समावेशी विश्व व्यवस्था को मजबूत करना है।

सितंबर शिखर सम्मेलन से पहले अहम संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि अब वैश्विक सुरक्षा केवल पारंपरिक सैन्य खतरों तक सीमित नहीं रही। साइबर स्पेस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और नई तकनीकों से जुड़े जोखिम भविष्य की सुरक्षा रणनीति के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। भारत की अगुवाई में तैयार यह साझा रोडमैप ब्रिक्स की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सामूहिक सुरक्षा दृष्टिकोण को नई मजबूती देता है।

(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

Show More

Related Articles

Back to top button