
जल संरक्षण, सफाई और सुविधाओं पर होगा फोकस
प्रत्येक तालाब के लिए स्विकृत किया अलग अलग बजट
वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे शहर के तीन प्रमुख तालाबों के दिन अब बदलने वाले हैं। नगर निगम और उसके अधिकारियों की मेहरबानी से इन तालाबों का भाग्य जाग उठा है। करोड़ों रुपए की लागत से इनके सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल तालाबों की सुंदरता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकना और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। नगर निगम द्वारा जिन तीन तालाबों का चयन किया गया है, उनमें अंधावा स्थित अमृत सरोवर, तालाब नवल राय तथा नैनी ददरी स्थित चक बबूरा तालाब शामिल हैं। प्रत्येक तालाब के लिए अलग-अलग बजट स्वीकृत किया गया है और उसके अनुरूप विकास कार्यों की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इन योजनाओं पर अमल भी शुरू हो चुका है।
अमृत सरोवर पर 2.52 करोड़ होंगे खर्च
अंधावा स्थित अमृत सरोवर के कायाकल्प के लिए 2.52 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना के तहत तालाब की सफाई, पाइपिंग व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन कार्यों से तालाब की स्वच्छता बेहतर होगी और आसपास रहने वाले लोगों को भी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही वर्षा जल के बेहतर संचयन में भी मदद मिलेगी।
तालाब नवल राय को मिलेगा नया स्वरूप
शहर के ऐतिहासिक तालाबों में शामिल तालाब नवल राय के लिए सरकार ने 4.70 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जो तीनों परियोजनाओं में सबसे बड़ा है। इस राशि से तालाब के चारों ओर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी विकसित किया जाएगा, जिससे गंदा पानी सीधे नालों में प्रवाहित हो सके और तालाब का जल प्रदूषित न हो। नगर निगम का मानना है कि इससे तालाब की जल गुणवत्ता में सुधार होगा और इसकी उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहेगी।
चक बबूरा तालाब के लिए 80 लाख रुपये
नैनी ददरी स्थित चक बबूरा तालाब को सबसे कम 80 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। हालांकि इस बजट से तालाब के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे। योजना के तहत तालाब को गहरा किया जाएगा, ताकि अधिक मात्रा में जल संचयन हो सके। इसके साथ ही मिट्टी के कटान को रोकने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष संरचनाएं विकसित की जाएंगी।
जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
नगर निगम के जनकार्य विभाग के एई गिरीश कुमार ने बताया कि तीनों तालाबों का सौंदर्यीकरण पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना, भूजल स्तर में सुधार लाना और मिट्टी के कटान को रोकना है। इसके साथ ही तालाबों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाकर स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनाया जाएगा। नगर निगम के अनुसार तीनों परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत होने के साथ ही कार्य भी शुरू हो चुका है। यदि तय समय सीमा में कार्य पूरे हो जाते हैं तो वर्षों से उपेक्षित ये तालाब जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएंगे और शहर की जल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी



