Iran Protests: ईरान में विरोध के नए प्रतीक, संस्कृति और सत्ता की टकराहट

Iran Protests:  ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब विरोध के अलग-अलग और प्रतीकात्मक तरीके सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक वीडियो और तस्वीर चर्चा में है, जिसमें एक युवती ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामनेई की तस्वीर को अपनी सिगरेट से जलाती दिखाई दे रही है। यह दृश्य सत्ता के प्रति असंतोष और डर से मुक्त होते जा रहे विरोध का प्रतीक माना जा रहा है।

इतिहास पर नज़र डालें तो ईरान मूल रूप से पारसी (फारसी) सभ्यता का केंद्र रहा है। यह सभ्यता अपनी खुली सोच, सांस्कृतिक विविधता और उदार जीवनशैली के लिए जानी जाती थी। इस्लामिक क्रांति के बाद देश में धार्मिक शासन स्थापित हुआ, जिसके साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं पर सख़्त नियंत्रण बढ़ता चला गया।

आज के विरोध प्रदर्शनों में सिर्फ राजनीतिक बदलाव की मांग नहीं दिखती, बल्कि एक बड़ा वर्ग अपनी पुरानी सांस्कृतिक पहचान और जीवनशैली की वापसी चाहता दिखाई दे रहा है। कई प्रदर्शनकारी इसे धार्मिक शासन द्वारा थोपी गई बंदिशों के खिलाफ संघर्ष के रूप में देख रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, ईरान में मौजूदा आंदोलन केवल सरकार विरोधी नहीं, बल्कि संस्कृति बनाम सत्ता की गहरी लड़ाई का रूप लेता जा रहा है—जहाँ लोग अपने इतिहास, पहचान और आज़ादी को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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