UP Police Bharti 2025: अभ्यर्थियों की ऊंचाई और सीने की फिर होगी नाप, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

UP Police Bharti 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ अभ्यर्थियों की ऊंचाई और सीने की दोबारा माप का आदेश दिया। KGMU मेडिकल बोर्ड 31 अक्टूबर को जांच करेगा।

UP Police Bharti 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती 2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने कुछ अभ्यर्थियों की ऊंचाई और सीने की दोबारा माप कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रिंसिपल को मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया गया है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें शारीरिक मानकों में कमी बताकर भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की पीठ ने की। अभ्यर्थी अनुज कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोबारा माप कराने का निर्देश दिया। खबर के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड को 31 अक्टूबर को अभ्यर्थियों की ऊंचाई और सीने की जांच करनी है।

47 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट का फैसला

यूपी पुलिस भर्ती से जुड़े इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुल 47 याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कुछ याचिकाओं में दोबारा माप कराने का आदेश दिया, जबकि एक श्रेणी में दायर छह याचिकाएं खारिज कर दी गईं।

इसके अलावा तीन याचिकाओं को अलग करते हुए दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया। पांच अन्य रिट याचिकाओं को भी अलग रखा गया है। कोर्ट ने कहा कि अलग-अलग याचिकाओं में परिस्थितियों के अनुसार आदेश पारित किए जाएंगे।

31 अक्टूबर को KGMU में होगा दोबारा शारीरिक माप

हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में गठित मेडिकल बोर्ड संबंधित अभ्यर्थियों की ऊंचाई और सीने का दोबारा माप करेगा। यह प्रक्रिया उन उम्मीदवारों के लिए होगी, जिनके मामलों में कोर्ट ने दोबारा जांच के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने माप में संभावित त्रुटियों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया। पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति की ऊंचाई या सीने के माप में एक-दो साल के भीतर बदलाव की संभावना सामान्यतः कम होती है। ऐसे में पहले की गई माप प्रक्रिया में गलती होने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

4 नवंबर को हाईकोर्ट में पेश होगी सीलबंद रिपोर्ट

मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी। मामले में अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अभ्यर्थियों के मामलों में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकेगा।

हालांकि, दोबारा माप का आदेश मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी संबंधित अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हो गया है। भर्ती में आगे की पात्रता और अन्य शर्तें लागू रहेंगी।

32 हजार से अधिक पदों पर हो रही यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती

उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 के तहत 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इस भर्ती के लिए 28 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इनमें करीब 19 लाख पुरुष और 9 लाख महिला अभ्यर्थी शामिल थे।

भर्ती की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की गई थी। भर्ती परीक्षा का परिणाम 14 अक्टूबर को घोषित किया गया था।

हाईकोर्ट के ताजा आदेश से उन अभ्यर्थियों को अपने शारीरिक माप की दोबारा जांच कराने का अवसर मिलेगा, जिनके मामलों में अदालत ने राहत दी है। अब सभी की निगाहें 31 अक्टूबर को होने वाली मेडिकल जांच और 4 नवंबर को कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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