
UP News-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की रायबरेली से जीत को लेकर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन पर सवाल उठाए जाने के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने पलटवार करते हुए भाजपा को अपने राजनीतिक आचरण, गठबंधन और चुनावी प्रदर्शन का आकलन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को यह बताना चाहिए कि वह स्वयं सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव क्यों लड़ती है।
शुक्रवार शाम वाराणसी में अजय राय ने कहा कि लोकतंत्र में गठबंधन करना प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है। यदि भाजपा अपना दल (सोनेलाल), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है, तो विपक्षी दलों के गठबंधन पर सवाल उठाने का नैतिक आधार क्या है? उन्होंने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक गठबंधन को लेकर सभी दलों के लिए एक समान दृष्टिकोण होना चाहिए।
काशी के चुनाव परिणाम पर भी उठाए सवाल
अजय राय ने राहुल गांधी की रायबरेली से जीत पर टिप्पणी करने से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 2024 के लोकसभा चुनाव परिणाम पर भी चर्चा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वाराणसी में चुनाव बेहद चुनौतीपूर्ण रहा था। चुनाव के दौरान दस लाख मतों के अंतर से जीत के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अंतिम परिणाम में प्रधानमंत्री मोदी लगभग 1.52 लाख मतों के अंतर से विजयी हुए।
उन्होंने मतगणना के शुरुआती सात दौर में प्रधानमंत्री के पीछे रहने की खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब पारदर्शिता और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए।
राउंडवार मतगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस नेता ने वाराणसी लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक आंकड़े, राउंडवार परिणाम और संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी थी, तो तथ्यों को सामने रखने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अजय राय ने कहा कि काशी की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि मतगणना के प्रत्येक दौर में किस उम्मीदवार को कितने मत मिले, निर्धारित प्रक्रियाओं का किस प्रकार पालन किया गया और परिणाम किन आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर घोषित हुआ। उन्होंने चुनाव से संबंधित शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय दस्तावेजों और प्रमाणित तथ्यों के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
अजय राय ने भाजपा के नेतृत्व और जनसमर्थन को लेकर किए जाने वाले दावों पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2029 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से सहयोगी दलों के समर्थन के बिना चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा अपने नेतृत्व और जनसमर्थन को लेकर आश्वस्त है, तो उसे विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाने के बजाय अपने काम और नीतियों के आधार पर जनता से समर्थन मांगना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी जनादेश का सम्मान करना चाहिए और लोकतंत्र में गठबंधन की राजनीति को लेकर दोहरे मापदंड नहीं अपनाने चाहिए।



