
Unnao News-किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार को जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर गठित टीमों ने विभिन्न तहसीलों में उर्वरक की 35 दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध उर्वरकों के सात नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की गई।
यह अभियान प्रमुख सचिव (कृषि) के निर्देशों के क्रम में चलाया गया। इसका उद्देश्य उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, निर्धारित मूल्य पर बिक्री कराना और किसानों को किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचाना है।
पांचों तहसीलों समेत विभिन्न क्षेत्रों में जांच
अभियान के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों का निरीक्षण किया। उप कृषि निदेशक रविचंद्र प्रकाश ने हसनगंज तहसील में छापेमारी की। जिला कृषि अधिकारी शशांक ने सफीपुर और बांगरमऊ तहसीलों में उर्वरक विक्रेताओं की जांच की।
वहीं, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए अनुराग कुमार ने सदर तहसील में निरीक्षण किया। कृषि रक्षा अधिकारी भीमसेन ने बीघापुर और भूमि संरक्षण अधिकारी राम नरेश ने पुरवा तहसील में संबंधित उपजिलाधिकारियों के साथ दुकानों की जांच की।
नमूनों की जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान टीमों ने उर्वरकों के स्टॉक और उनकी गुणवत्ता से संबंधित जांच की। संदिग्ध उर्वरकों के सात नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक मिलें। यदि जांच के दौरान ओवररेटिंग, गुणवत्ता में कमी या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक अभियान से उर्वरक विक्रेताओं में निगरानी बढ़ी है। कृषि विभाग ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उर्वरक की बिक्री और गुणवत्ता पर नजर रखने की प्रक्रिया तेज की है।



