
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया है। करीब 17 घंटे के लंबे सफर के बाद आरोपियों को पहले मुंबई के जीटी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रखा गया है, जहां उनसे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार, फूल सिंह और रेहान अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को मुंबई लाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। अब जांच एजेंसियां फायरिंग की घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना के पीछे किसकी भूमिका थी और आरोपियों का कथित नेटवर्क कितना बड़ा है।
कोटा से मुंबई तक 17 घंटे का सफर, सुरक्षा के बीच लाए गए आरोपी
जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाने के लिए पुलिस ने विशेष व्यवस्था की थी। आरोपियों को दो इनोवा कारों के जरिए मुंबई लाया गया। रास्ते में गुजरात के वलसाड से एक तीसरी इनोवा कार भी पुलिस के काफिले में शामिल हुई। पूरे सफर के दौरान आरोपियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुंबई पहुंचने के बाद पुलिस ने सबसे पहले तीनों आरोपियों का जीटी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद उन्हें एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया। यहां मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना को अंजाम देने में आरोपियों की क्या भूमिका थी और इस कथित वारदात के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह भी शामिल था या नहीं।
मेडिकल जांच के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल में पूछताछ
आरोपियों को मुंबई लाने के बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उन्हें क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रखा गया, जहां उनसे अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की प्राथमिकता घटना की पूरी कड़ी को समझना है। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संपर्क, घटना से पहले हुई बातचीत और संभावित साजिश से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही हैं। हालांकि, मामले में सामने आ रहे दावों और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जा सकेगी।
वकील अजिंक्य मधुकर ने क्या बताया?
आरोपियों को मुंबई लाए जाने के संबंध में वकील अजिंक्य मिरगल मधुकर ने बताया कि तीनों आरोपियों को सुबह करीब चार बजे एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय लाया गया था। इससे पहले उन्हें राजस्थान से मुंबई लाने के बाद मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
वकील के मुताबिक, मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद आरोपियों को एंटी एक्सटॉर्शन सेल लाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों को सुबह अदालत के सामने पेश किया जाना था। अदालत में पेशी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच की दिशा स्पष्ट होगी।
रेहान अंसारी के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संपर्क की जांच
इस मामले में आरोपी रेहान अंसारी के कथित संपर्कों को लेकर भी चर्चा हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रेहान, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित के संपर्क में था। रिपोर्ट्स के अनुसार, टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना को लेकर दोनों के बीच बातचीत होने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, इन कथित संपर्कों और बातचीत की आधिकारिक पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होना बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि आरोपियों के बीच किस तरह का संवाद हुआ था और उसका घटना से कोई सीधा संबंध था या नहीं। पुलिस इस पहलू की जांच के साथ-साथ अन्य संभावित कड़ियों को भी खंगाल रही है।
Harmanpreet Kaur: लंबे इंतजार के बाद हरमनप्रीत का बल्ला गरजा, 41 गेंदों में 91 रन ठोककर हुईं भावुक
फायरिंग मामले में आगे क्या होगा?
तीनों आरोपियों को मुंबई लाए जाने के बाद अब जांच का केंद्र पूछताछ, कथित नेटवर्क और घटना के पीछे की संभावित वजह है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग की घटना किसी व्यक्तिगत विवाद, धमकी या किसी अन्य कथित साजिश से जुड़ी थी या नहीं।
फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है। अदालत में पेशी तथा जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी से मामले की अगली दिशा तय होगी। पुलिस की जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों की पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना में किसकी क्या भूमिका थी और इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी या नहीं।



