Entertainment News: Rajpal Yadav ने चुकाए 2 करोड़ रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस केस मध्यस्थता के लिए भेजा; शर्तों पर विदेश जाने की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने सात मामलों में आपसी समझौते की संभावना तलाशने के लिए मध्यस्थ नियुक्त किया, पासपोर्ट जारी करने पर भी रखीं शर्तें

Entertainment News: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनसे जुड़े सात मामलों को आपसी समझौते की संभावना तलाशने के लिए मध्यस्थता के लिए भेज दिया है। यह फैसला तब आया, जब अभिनेता की ओर से कोर्ट रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा कराए जाने की जानकारी अदालत को दी गई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करने के संबंध में भी निर्देश दिए हैं, ताकि वह जरूरी शर्तें पूरी करने के बाद पेशेवर काम के लिए विदेश यात्रा कर सकें।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने दोनों पक्षों से विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की संभावना तलाशने को कहा। हालांकि, मध्यस्थता के लिए मामला भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि सभी विवाद खत्म हो गए हैं या अभिनेता को चेक बाउंस मामलों में पूरी तरह बरी कर दिया गया है।

सात मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजा

सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों पर सुनवाई हुई। अभिनेता ने इन मामलों में अपनी दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि उन्होंने कोर्ट रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं।

इसके बाद पीठ ने शिकायतकर्ता कंपनी से पूछा कि जब रकम अदालत में जमा है, तो विवाद को सुलझाने की दिशा में प्रयास क्यों नहीं किए जा रहे हैं। अदालत ने दोनों पक्षों को निष्पक्ष रवैया अपनाने और आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश करने की सलाह दी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामलों की प्रकृति और विवाद की जटिलता को देखते हुए आपसी समझौते की संभावना पर विचार किया जा सकता है। इसी आधार पर विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजने का फैसला लिया गया।

2 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बेची पैतृक संपत्ति

सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पेश वकील विक्रांत ने अदालत को बताया कि अभिनेता ने 2 करोड़ रुपये जमा कराने के लिए अपनी पैतृक संपत्ति बेच दी थी। इससे पहले अभिनेता ने अदालत में अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा था कि उनकी फिल्म ‘आटा पता लापता’ के कारण उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा था।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को बकाया रकम जमा कराने का एक और अवसर दिया था। उस समय अदालत ने कुल 5 करोड़ रुपये की बकाया राशि में से कम से कम 2 करोड़ रुपये कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया था। साथ ही, उन्हें सरेंडर करने से मिली अंतरिम राहत 5 अक्टूबर तक बढ़ाई गई थी।

हालांकि, तय रकम जमा कराने में देरी को लेकर अदालत ने पहले अभिनेता को फटकार भी लगाई थी। अब 2 करोड़ रुपये जमा होने के बाद अदालत ने विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अदालत ने मध्यस्थ नियुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने मामले के समाधान की संभावना तलाशने के लिए एक मध्यस्थ नियुक्त किया है। दोनों पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे सुनवाई की तारीख तय करने के लिए मध्यस्थ से संपर्क करें।

मध्यस्थ जरूरत पड़ने पर दोनों पक्षों को व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन उपस्थित होने के लिए कह सकते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य विवाद के अलग-अलग पहलुओं पर बातचीत कर सहमति तक पहुंचने का रास्ता तलाशना है।

अब आगे की प्रक्रिया में शिकायतकर्ता कंपनी और राजपाल यादव के बीच बातचीत अहम होगी। यदि दोनों पक्ष किसी समाधान पर सहमत होते हैं, तो उसके अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मध्यस्थता के लिए भेजे जाने को अंतिम समझौता नहीं माना जा सकता।

पासपोर्ट जारी करने पर भी अदालत का निर्देश

सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की पासपोर्ट जारी करने की अर्जी पर भी विचार किया गया। उनके वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता को पेशेवर काम के सिलसिले में विदेश जाना है और इसके लिए पासपोर्ट की जरूरत है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह निर्धारित शर्तों के आधार पर राजपाल यादव का पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पर फैसला करे। अभिनेता को इन शर्तों का पालन करने के बाद ही विदेश यात्रा करने की अनुमति होगी।

अदालत ने यह भी कहा कि विदेश से लौटने के बाद राजपाल यादव को ट्रायल कोर्ट को इसकी सूचना देनी होगी। इस तरह उन्हें विदेश यात्रा के लिए सशर्त राहत मिली है, लेकिन यात्रा की अनुमति अदालत द्वारा तय की जाने वाली शर्तों पर निर्भर करेगी।

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क्या है पूरा चेक बाउंस विवाद?

राजपाल यादव से जुड़े ये मामले चेक बाउंस और बकाया रकम के विवाद से संबंधित हैं। अभिनेता ने अपनी फिल्म ‘आटा पता लापता’ के कारण हुए वित्तीय नुकसान को अपनी परेशानी की वजह बताया था। इस विवाद में उनके खिलाफ दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा को चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में हालिया सुनवाई के दौरान 2 करोड़ रुपये जमा होने के बाद अदालत ने समझौते की संभावना पर जोर दिया। अब मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

फिलहाल अभिनेता को दो अहम मामलों में राहत मिली है—विवाद को मध्यस्थता के लिए भेजा गया है और पासपोर्ट जारी करने के संबंध में ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया है। हालांकि, अंतिम समाधान और विदेश यात्रा की प्रक्रिया अदालत की शर्तों तथा आगे होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

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