
New Delhi News-सीजेपी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को अदालत से राहत मिलने के बाद बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। दोनों की रिहाई के बाद उनके समर्थकों में खुशी देखी गई। जेल से बाहर निकलते समय आशुतोष रांका ने गाड़ी में बैठने के दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगाया। दोनों ने मीडिया से बातचीत नहीं की।
अदालत ने न्यायिक हिरासत जारी रखने की जरूरत नहीं मानी
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों को आगे न्यायिक हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं मानी। अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड भरने का निर्देश दिया। इसके बाद उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार, दोनों ने लिखित आश्वासन दिया कि वे शांति बनाए रखेंगे और कानून-व्यवस्था का पालन करेंगे। साथ ही, जंतर-मंतर पर तब तक कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं करने की बात कही गई, जब तक संबंधित स्थल को कानूनी प्रक्रिया के तहत डी-नोटिफाई नहीं कर दिया जाता।
रिहाई पर सीजेपी की लीगल हेड ने जताई खुशी
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दोनों नेताओं की रिहाई पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि संगठन को राहत है कि सौरव दास और आशुतोष रांका जेल से बाहर आ रहे हैं। उनके मुताबिक, रिहाई में पहले कुछ तकनीकी अड़चनें थीं, जिनके कारण अदालत संतुष्ट नहीं हो पा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय तक रिहाई का लिखित आदेश उनके पास नहीं पहुंचा था।
अभिजीत दीपके ने साझा की तस्वीर
सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद सीजेपी से जुड़े अभिजीत दीपके ने उनकी तस्वीर साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “अगर निडरता का कोई चेहरा होता।” इस पोस्ट के बाद दोनों की रिहाई चर्चा में आ गई।
चिराग पासवान ने न्यायिक प्रक्रिया का दिया हवाला
दोनों को जमानत मिलने पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान जरूरी है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन होने पर देश को अराजक सोच के हवाले नहीं किया जा सकता।
फिलहाल, अदालत से मिली राहत के बाद दोनों सीजेपी प्रवक्ता जेल से बाहर आ चुके हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत की शर्तों का पालन महत्वपूर्ण रहेगा।



