
International News: नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। इस बीच, गोरखा जिले में बाढ़ के कारण कई पुल बहने की खबर है, जिससे स्थानीय इलाकों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है।
बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बढ़ा पानी, प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्राधिकरण के मुताबिक, नेपाल के चुमनुव्री ग्रामीण नगरपालिका-6 के पास बूढ़ी गंडकी नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। इससे अचानक बड़ी बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे चेतावनी को गंभीरता से लें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
नदी में पानी का बहाव तेज होने की स्थिति में किनारे पर मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की सलाह दी है, ताकि बाढ़ का पानी बढ़ने पर किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
त्रिशूली दोभान तक नदी के पास जाने से बचने की अपील
NDRRMA ने त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास जाने से बचने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ का पानी गुजरने तक नदी के किनारे रुकना या वहां जाने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी पार करने की कोशिश न करें और पानी का बहाव देखने के लिए किनारे पर जमा न हों। यदि जलस्तर बढ़ता दिखाई दे, तो सुरक्षित स्थान की ओर जाने में देरी नहीं करनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।
अचानक आने वाली बाढ़ में पानी का स्तर बहुत कम समय में बढ़ सकता है। इसलिए केवल नदी के मौजूदा जलस्तर को देखकर खतरे का अनुमान लगाना सुरक्षित नहीं है।
बाढ़ में बह गए कई पुल, गांवों का संपर्क प्रभावित
बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ का असर क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार सुबह गोरखा जिले में आरुघाट और धादिंग को जोड़ने वाला मोटर चालित पक्का पुल बाढ़ में बह गया। आरुघाट क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय के पुलिस निरीक्षक अनिल श्रेष्ठ के अनुसार, पुल के बहने से दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा, चुमनुव्री ग्रामीण नगरपालिका-3 के न्याकचेत और सिर्दिबास को जोड़ने वाला पुराना झूला पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया। धार्चे ग्रामीण नगरपालिका-5 में माछीखोला से केरौजा को जोड़ने वाले झूला पुल के बहने की भी जानकारी सामने आई है।
वहीं, आरुघाट ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 2 और 3 को जोड़ने वाला सोती स्थित लोहे का पक्का पुल भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त होकर बह गया। इन पुलों के नुकसान से स्थानीय लोगों की आवाजाही और एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
फ्लैश फ्लड का खतरा क्यों है गंभीर?
फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ ऐसी स्थिति है, जिसमें नदी या नाले का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश, ऊपरी इलाकों से अचानक पानी आने और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों में इसका खतरा बढ़ सकता है। पानी का तेज बहाव पुलों, सड़कों और आसपास के ढांचों को नुकसान पहुंचा सकता है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव होने पर निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कम समय में सुरक्षित स्थान पर पहुंचना पड़ सकता है। इसलिए चेतावनी जारी होने के बाद प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल बूढ़ी गंडकी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को नदी से दूरी बनाए रखने, ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा बाढ़ का पानी पूरी तरह गुजरने तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पुलों के बहने से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखना और सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन के निर्देशों का इंतजार करना जरूरी होगा।



