Jordan Church Firing: जॉर्डन के चर्च में फायरिंग, 7 लोगों की मौत और 34 घायल; सरकार ने बताया आतंकी हमला

Jordan Church Firing: जॉर्डन के कराक शहर में चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी में 7 लोगों की मौत और 34 घायल हुए। सरकार ने हमले को आतंकी घटना बताया।

Jordan Church Firing: जॉर्डन के कराक शहर में एक चर्च के बाहर अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 लोग घायल हुए हैं। जॉर्डन सरकार ने घटना को आतंकी हमला बताया है। राजा अब्दुल्ला ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया।

जॉर्डन के चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी

जॉर्डन के कराक शहर में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई। इस हमले में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी।

एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना राजधानी अम्मान से करीब 180 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कराक शहर के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुई। जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि की।

गाड़ी से उतरे हमलावरों ने की फायरिंग

जॉर्डन के सरकारी टीवी चैनल अल-ममलका की रिपोर्ट के अनुसार, कराक के हमौद चर्च में अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान कुछ हथियारबंद लोग एक गाड़ी से उतरे और वहां मौजूद लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी।

एक सुरक्षा कैमरे के वीडियो में तीन लोगों को चर्च की ओर गोलीबारी करते देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर पेड़ों और एक छोटी दीवार की आड़ में छिपे थे और बाद में चर्च के प्रवेश द्वार की ओर बढ़े।

अंतिम संस्कार में शामिल खालिद बुरकान ने अल-ममलका को बताया कि उस समय वहां दर्जनों लोग मौजूद थे। उनके मुताबिक, कम से कम दो हमलावरों में से एक के पास राइफल और दूसरे के पास पिस्तौल थी। उन्होंने कई मिनट तक गोलीबारी की।

हालांकि, हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

हमले के बाद जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि कराक में हुए आतंकी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

राजा अब्दुल्ला ने अपने बयान में जॉर्डन के लोगों की एकता पर जोर देते हुए कहा कि हिंसा के जरिए देश के नागरिकों को बांटने की कोशिश सफल नहीं होगी।

घटना के बाद चर्च के आसपास सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्धों की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है।

कराक में ईसाई समुदाय भी रहता है

कराक शहर में ईसाई समुदाय की आबादी है, हालांकि वे जॉर्डन में अल्पसंख्यक हैं। अधिकारियों ने अभी तक मृतकों और घायलों के धार्मिक समुदाय के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमलावरों ने किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाया था या नहीं।

जॉर्डन को मध्य पूर्व के अपेक्षाकृत स्थिर देशों में गिना जाता है और वहां इस तरह की बड़ी गोलीबारी की घटनाएं कम होती हैं। हालांकि, जॉर्डन के अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों में इस्लामी कट्टरपंथियों से जुड़ी कई कथित हमले की कोशिशों को नाकाम किया गया है।

जॉर्डन में बाइबल से जुड़े कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल दुनिया भर से ईसाई तीर्थयात्री पहुंचते हैं। कराक में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और जांच पर नजर रखी जा रही है।

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