
Jamia Protest: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन में अब विपक्षी नेताओं की भी एंट्री हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी छात्रों के समर्थन में पहुंचे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं, प्रदर्शन और विवादित नारों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर प्रदर्शन जारी
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 12 अक्टूबर से छात्र संघ चुनाव कराने और चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक चुनाव का कार्यक्रम जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया और एकजुट होकर मार्च निकाला। छात्रों की प्रमुख मांग विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली और चुनाव की तारीखों का जल्द ऐलान करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ के नए संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाई है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र कमेटी की प्रक्रिया के बजाय तत्काल चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
इमरान मसूद बोले- कश्मीर भारत का अभिन्न अंग
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन देने जामिया पहुंचे थे। उन्होंने आजतक से बातचीत में स्पष्ट किया कि वह विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर लिखे किसी भी विवादित नारे या पोस्टर का समर्थन नहीं करते हैं।
इमरान मसूद ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र संघ चुनाव की मांग कर रहे हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन चुनाव बहाल करने की दिशा में कदम क्यों नहीं उठा रहा है।
दरअसल, पिछले दिनों विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारे लिखे मिलने के बाद विवाद बढ़ गया था। इन नारों को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने पुलिस पर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी छात्रों से मिलने के लिए जामिया जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया। नदवी रामपुर से सांसद हैं और जामिया के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं।
नदवी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। उन्होंने कहा कि जामिया का पूर्व छात्र होने के नाते छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाना उनका फर्ज है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में मोहिबुल्लाह नदवी को छोड़ दिया गया। वहीं, इमरान मसूद को हिरासत में लेने की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
दीवारों से मिटाए गए विवादित नारे, CCTV की जांच
विश्वविद्यालय परिसर में विवादित नारे लिखे जाने के बाद प्रशासन ने उन्हें केमिकल की मदद से मिटा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस जगह ये नारे लिखे गए थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के तार काटे गए थे।
प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और नारे लिखने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने की बात कही गई है। हालांकि, आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे की वजह को लेकर अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
जामिया के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन और विवाद को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है। कई स्थानों पर चेकिंग की जा रही है और विश्वविद्यालय की ओर जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच पुलिस की कार्रवाई और छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल छात्रों का आंदोलन छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर केंद्रित है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी की प्रक्रिया के बीच चुनाव को लेकर कोई औपचारिक घोषणा की जाती है या नहीं।



