Robot Vacuum Cleaner: बिना इंसान के घर की सफाई कैसे करता है रोबोट? जानें LiDAR, सेंसर और AI की तकनीक

Robot Vacuum Cleaner: कमरे का नक्शा बनाने से लेकर धूल खींचने और पोछा लगाने तक, स्मार्ट रोबोट कई तकनीकों की मदद से करता है सफाई

Robot Vacuum Cleaner: दिवाली जैसे त्योहारों से पहले घर की सफाई का काम बढ़ जाता है। फर्श से धूल हटाना, कोनों की गंदगी साफ करना और पोछा लगाना कई बार काफी समय और मेहनत लेता है। ऐसे में रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर लोगों के लिए एक विकल्प बनकर सामने आए हैं। ये छोटे उपकरण बिना किसी के लगातार साथ रहने के घर के फर्श की सफाई कर सकते हैं।

पहली नजर में यह मशीन एक साधारण गोल डिब्बे जैसी दिखती है, लेकिन इसके भीतर कई सेंसर, मोटर और स्मार्ट सॉफ्टवेयर काम करते हैं। यही तकनीक इसे कमरे की पहचान करने, फर्नीचर से बचकर निकलने, सीढ़ियों के किनारे रुकने और धूल-मिट्टी साफ करने में मदद करती है। कुछ मॉडल वैक्यूम के साथ पोछा लगाने की सुविधा भी देते हैं।

LiDAR तकनीक से तैयार करता है घर का नक्शा

रोबोटिक क्लीनर की सबसे अहम खूबियों में से एक है घर का मैप तैयार करने की क्षमता। कई आधुनिक मॉडल LiDAR यानी Light Detection and Ranging तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसमें लेजर की मदद से आसपास की दीवारों और वस्तुओं की दूरी मापी जाती है।

रोबोट कमरे में घूमते हुए अलग-अलग दिशाओं में लेजर सिग्नल भेजता है। सिग्नल वापस आने में लगे समय के आधार पर मशीन आसपास की चीजों की दूरी का अनुमान लगाती है। फिर उसका सॉफ्टवेयर इन जानकारियों को जोड़कर कमरे का डिजिटल नक्शा तैयार करता है।

कुछ रोबोट LiDAR के बजाय कैमरा, इन्फ्रारेड सेंसर या दूसरे नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए हर रोबोट में एक जैसी मैपिंग तकनीक होना जरूरी नहीं है।

सेंसर की मदद से फर्नीचर और सीढ़ियों से बचता है

घर में सफाई करते समय रोबोट के सामने कुर्सी, टेबल, सोफा, दीवार और दूसरे सामान आते हैं। इनसे बचने के लिए मशीन में अलग-अलग तरह के सेंसर लगाए जाते हैं।

  • Obstacle Detection Sensors: सामने मौजूद वस्तुओं का पता लगाकर रोबोट को उनसे टकराने से बचाने में मदद करते हैं।
  • Cliff Sensors: फर्श की ऊंचाई में अचानक बदलाव या सीढ़ियों के किनारे का पता लगाते हैं, ताकि मशीन नीचे न गिरे।
  • Wall Sensors: दीवारों के किनारे दूरी बनाए रखते हुए सफाई करने में मदद करते हैं।
  • Bumper Sensors: किसी वस्तु से हल्का संपर्क होने पर रोबोट को दिशा बदलने का संकेत देते हैं।

इन सेंसर और नेविगेशन सिस्टम की मदद से रोबोट रास्ता तय करता है। हालांकि, बहुत छोटे सामान, ढीले तार या गहरे रंग की कुछ सतहों को हर मॉडल समान रूप से पहचान पाए, यह जरूरी नहीं है।

वैक्यूम मोटर और ब्रश से खींचता है धूल-मिट्टी

रोबोट के निचले हिस्से में लगे साइड ब्रश घूमकर दीवारों के किनारे और कोनों से धूल, बाल तथा छोटे कणों को मुख्य सफाई वाले हिस्से की ओर लाते हैं।

इसके बाद बीच में लगा रोलर ब्रश और वैक्यूम मोटर गंदगी को खींचकर डस्टबिन में जमा करते हैं। वैक्यूम मोटर की सक्शन पावर यानी खींचने की क्षमता सफाई में अहम भूमिका निभाती है।

कुछ मॉडल में अलग-अलग प्रकार के रोलर ब्रश दिए जाते हैं, ताकि बाल और धूल आसानी से इकट्ठा हो सकें। डस्टबिन भरने पर उसे खाली करना पड़ता है। वहीं, कुछ महंगे मॉडल के चार्जिंग स्टेशन में ऑटोमैटिक डस्ट कलेक्शन की सुविधा भी मिलती है।

स्मार्ट मॉपिंग सिस्टम से लगाता है पोछा

वैक्यूम क्लीनिंग के अलावा कई रोबोटिक क्लीनर फर्श पर पोछा भी लगाते हैं। इनमें पानी रखने के लिए छोटा टैंक और नीचे माइक्रोफाइबर पैड या घूमने वाले मॉप पैड दिए जाते हैं।

मशीन पानी को नियंत्रित मात्रा में पैड तक पहुंचाती है। इसके बाद रोबोट फर्श पर आगे बढ़ते हुए धूल के बारीक कणों और हल्की गंदगी को साफ करता है। कुछ मॉडल में पानी के प्रवाह को ऐप से नियंत्रित करने का विकल्प भी होता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि रोबोटिक मॉप हर तरह के दाग या जमी हुई गंदगी को हाथ से लगाए गए पोछे की तरह साफ नहीं कर सकता। इसकी क्षमता मॉडल, मॉपिंग तकनीक और फर्श की स्थिति पर निर्भर करती है।

कालीन को पहचानकर बदल सकता है सफाई का तरीका

कुछ आधुनिक रोबोटिक क्लीनर में Carpet Detection की सुविधा होती है। सेंसर कालीन या कारपेट की पहचान करके सफाई का तरीका बदल सकते हैं।

वैक्यूम मोड में मशीन कालीन पर सक्शन पावर बढ़ा सकती है, ताकि उसमें फंसी धूल खींची जा सके। वहीं, जिन मॉडल में मॉप पैड उठाने की सुविधा होती है, वे कालीन पर पहुंचने से पहले पैड ऊपर कर सकते हैं। इससे कालीन के गीला होने का जोखिम कम होता है।

हालांकि, यह सुविधा हर रोबोट में उपलब्ध नहीं होती। खरीदारी से पहले मॉडल की स्पेसिफिकेशन जांचना जरूरी है।

मोबाइल ऐप से तय कर सकते हैं सफाई का समय और जगह

रोबोटिक क्लीनर को आमतौर पर मोबाइल ऐप से जोड़ा जा सकता है। इसके जरिए यूजर सफाई का समय तय करने, कमरे चुनने और सफाई की स्थिति देखने जैसे काम कर सकते हैं।

कई मॉडल में No-Go Zone बनाने का विकल्प भी होता है। इसका मतलब है कि यूजर डिजिटल नक्शे पर कुछ हिस्सों को चिह्नित कर सकता है, जहां रोबोट को नहीं जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, बच्चों के खिलौनों वाला हिस्सा या ऐसा क्षेत्र जहां तार और दूसरी बाधाएं हों।

कुछ डिवाइस Wi-Fi के जरिए ऐप से जुड़ते हैं और घर से बाहर रहते हुए भी उन्हें कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि, ऐप के फीचर्स और रिमोट कंट्रोल की सुविधा ब्रांड और मॉडल के अनुसार अलग-अलग होती है।

बैटरी कम होने पर खुद चार्जिंग स्टेशन तक पहुंचता है

रोबोटिक क्लीनर में बैटरी की स्थिति पर नजर रखने वाला सिस्टम भी होता है। बैटरी कम होने पर कई मॉडल अपने चार्जिंग डॉक पर वापस लौट जाते हैं।

चार्ज होने के बाद कुछ रोबोट वहीं से सफाई दोबारा शुरू कर सकते हैं, जहां उन्होंने काम छोड़ा था। इस सुविधा को आमतौर पर Recharge and Resume कहा जाता है। इससे बड़े घरों की सफाई पूरी करने में मदद मिलती है।

कुछ मॉडल के चार्जिंग स्टेशन में डस्टबिन खाली करने, मॉप पैड धोने और सुखाने जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं।

रोबोटिक क्लीनर खरीदते समय किन बातों पर दें ध्यान?

अगर आप घर के लिए रोबोटिक क्लीनर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल कीमत या सक्शन पावर देखकर फैसला न करें। इन बातों की जांच करना उपयोगी होगा:

  • घर के आकार के अनुसार बैटरी और सफाई की क्षमता।
  • LiDAR या कैमरा आधारित नेविगेशन सिस्टम।
  • फर्नीचर और सीढ़ियों को पहचानने वाले सेंसर।
  • वैक्यूम के साथ मॉपिंग की सुविधा।
  • कालीन पहचानने और मॉप पैड उठाने का फीचर।
  • मोबाइल ऐप और No-Go Zone का विकल्प।
  • डस्टबिन की क्षमता और फिल्टर की उपलब्धता।
  • सर्विस सेंटर, वारंटी और स्पेयर पार्ट्स की सुविधा।

क्या रोबोट पूरे घर की सफाई खुद कर सकता है?

रोबोटिक क्लीनर रोजाना फर्श पर जमा होने वाली धूल, बाल और हल्की गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। इससे घर की नियमित सफाई का काम आसान हो सकता है। लेकिन यह पूरी तरह इंसानी सफाई का विकल्प नहीं है।

सीढ़ियां, ऊंची जगहें, सोफा और फर्नीचर के ऊपर की सफाई जैसे कामों के लिए अलग प्रयास करना पड़ता है। बहुत ज्यादा गंदगी या जिद्दी दाग हटाने के लिए भी अतिरिक्त सफाई की जरूरत हो सकती है।

इस तरह रोबोटिक क्लीनर घर की रोजमर्रा की सफाई में मददगार तकनीक है। इसके सेंसर, नेविगेशन सिस्टम, वैक्यूम मोटर और मॉपिंग फीचर मिलकर इसे अपने आप काम करने में सक्षम बनाते हैं।

written  by Siddhi Srivastava

Show More

Related Articles

Back to top button