Sports News: ग्लेन मैक्सवेल के संन्यास से खत्म हुआ एक रोमांचक दौर, अब ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में नहीं दिखेगा ‘द बिग शो’

286 मैच, 7,226 रन और तीन विश्व कप खिताब के साथ खत्म हुआ मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय सफर, अफगानिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक दोहरा शतक हमेशा रहेगा याद।

Sports News: क्रिकेट के मैदान पर कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जो क्रीज पर आते ही मुकाबले का माहौल बदल देते हैं। गेंदबाज चाहे कितना भी शानदार क्यों न हो, उनके सामने हर रणनीति कमजोर पड़ती दिखाई देती है। ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, अनोखे शॉट और असाधारण खेल से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन करने वाले मैक्सवेल ने अब इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। करीब 14 साल तक ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहने के बाद उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगाने का फैसला किया है।

मैक्सवेल का यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अभी तक प्रशंसकों को उम्मीद थी कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलते नजर आएंगे। हालांकि, अब उनका अंतरराष्ट्रीय सफर खत्म हो गया है। अपने करियर में उन्होंने 286 मुकाबले खेले, जिनमें 7,226 रन बनाने के साथ 136 विकेट भी हासिल किए। इतना ही नहीं, वह ऑस्ट्रेलिया की तीन विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा भी रहे।

जब मैदान पर उतरते थे तो बदल जाता था मैच का मिजाज

ग्लेन मैक्सवेल की पहचान सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं रही। वह ऐसे ऑलराउंडर रहे, जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी और फील्डिंग में भी टीम के लिए उपयोगी साबित होते थे। उनकी बल्लेबाजी का सबसे खास पहलू था आक्रामक अंदाज। वह पारंपरिक क्रिकेट शॉट्स के साथ ऐसे शॉट भी खेलते थे, जिनकी कल्पना करना गेंदबाजों के लिए आसान नहीं था।

मैक्सवेल ने साल 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। शुरुआती दौर से ही उन्होंने अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी। वनडे और टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा। जब टीम मुश्किल में होती थी, तब भी मैक्सवेल बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हटते थे। यही वजह रही कि उन्हें दुनिया के खतरनाक सीमित ओवरों के बल्लेबाजों में गिना जाता था।

उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में सात टेस्ट, 149 वनडे और 130 टी20 मुकाबले शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग फॉर्मेट में अपनी उपयोगिता साबित की। बल्लेबाजी के अलावा ऑफ स्पिन गेंदबाजी से भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

तीन विश्व कप जीतने वाली टीम में शामिल रहे मैक्सवेल

मैक्सवेल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में तीन आईसीसी विश्व कप जीत शामिल हैं। साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराकर वनडे विश्व कप अपने नाम किया था। उस विजेता टीम में मैक्सवेल भी शामिल थे।

इसके बाद 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा। इस टीम में भी मैक्सवेल की मौजूदगी रही। फिर साल 2023 में भारत में आयोजित वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में भारतीय टीम को हराकर छठी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस तरह मैक्सवेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में तीन विश्व कप खिताब जीते।

अफगानिस्तान के खिलाफ वो पारी, जिसने क्रिकेट इतिहास में बनाई जगह

मैक्सवेल की सबसे यादगार पारियों की बात हो तो साल 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी पारी सबसे ऊपर रहेगी। वनडे विश्व कप के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के सामने 292 रनों का लक्ष्य था। लेकिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की हालत बेहद खराब हो गई।

एक समय टीम ने 91 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान आसानी से मुकाबला जीत जाएगा। लेकिन इसके बाद मैक्सवेल ने जो किया, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

मैक्सवेल ने चोट और शरीर में ऐंठन की परेशानी के बावजूद मैदान नहीं छोड़ा। उन्होंने अफगानिस्तानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और महज 128 गेंदों में नाबाद 201 रन बना डाले। उनकी इस पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल थे।

दूसरी तरफ कप्तान पैट कमिंस ने उनका पूरा साथ दिया। दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए नाबाद 202 रनों की साझेदारी हुई और ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट से मुकाबला जीत लिया। इस पारी के साथ मैक्सवेल वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बने। उनकी यह पारी आज भी वनडे क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।

पहले वनडे छोड़ा, अब पूरे इंटरनेशनल करियर पर लगाया विराम

मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अचानक दूरी नहीं बनाई है। इससे पहले जून 2025 में उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ खेला गया मुकाबला उनका आखिरी वनडे मैच रहा।

इसके बाद वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करते रहे। लेकिन अब उन्होंने इस फॉर्मेट से भी विदाई ले ली है। उनके इस फैसले के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लिए उनका अंतरराष्ट्रीय सफर पूरी तरह समाप्त हो गया है।

मैक्सवेल के संन्यास के पीछे उम्र के साथ फिटनेस और भविष्य की योजनाओं को भी अहम वजह माना जा रहा है। वह अब अपने शरीर को आराम देने और क्रिकेट के दूसरे प्रारूपों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

Supreme Court: दिल्ली प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस, CJI सूर्यकांत ने वकील को लगाई फटकार

फ्रेंचाइजी क्रिकेट में जारी रहेगा मैक्सवेल का जलवा

इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मैक्सवेल क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होने वाले हैं। उनके पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेलने के विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि वह आईपीएल और दुनिया की दूसरी टी20 लीग में अपने पुराने अंदाज में नजर आएंगे।

मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि अपने खेल के अंदाज के कारण भी याद किया जाएगा। उन्होंने कई बार साबित किया कि क्रिकेट में मुकाबला तब तक खत्म नहीं होता, जब तक आखिरी उम्मीद बाकी है। अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी 201 रनों की पारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। ऑस्ट्रेलिया की जर्सी में अब उनका बल्ला नहीं चलेगा, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर छोड़ी गई उनकी छाप लंबे समय तक प्रशंसकों को याद रहेगी।

Show More

Related Articles

Back to top button