
Maharashtra SIR: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग ने कार्यक्रम में बदलाव किया है। आयोग ने मतदाताओं को राहत देते हुए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 13 नवंबर 2026 कर दी है। पहले इसके लिए निर्धारित समयसीमा 26 अक्टूबर थी। नई तारीख के साथ अब मतदाताओं को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने या किसी तरह की गलती पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
चुनाव आयोग ने 29 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में महाराष्ट्र के लिए संशोधित कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके साथ ही आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख भी तय कर दी है। नए शेड्यूल के मुताबिक, महाराष्ट्र की फाइनल वोटर लिस्ट 30 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी।
13 नवंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे और आपत्तियां
SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, नाम या अन्य विवरण में गड़बड़ी को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाता है। महाराष्ट्र में इस प्रक्रिया के लिए पहले तय की गई समयसीमा को अब आगे बढ़ा दिया गया है। चुनाव आयोग के नए आदेश के अनुसार, अब 13 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी।
इस फैसले से उन लोगों को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी वजह से पहले निर्धारित तारीख तक अपनी शिकायत या दावा दर्ज नहीं करा पाए थे। मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे संशोधित मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य जानकारियां जांच लें, ताकि चुनाव के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
25 नवंबर तक चलेगा नोटिस और निपटारे का काम
चुनाव आयोग की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम में केवल दावे और आपत्तियों की तारीख ही नहीं बदली गई है, बल्कि आगे की प्रक्रिया के लिए भी नई समयसीमा निर्धारित की गई है। आदेश के मुताबिक, दावे और आपत्तियों से जुड़े नोटिस जारी करने तथा उनके निपटारे का काम 25 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
इसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि राज्य के मतदाताओं को नई तारीखों की जानकारी मिल सके और वे निर्धारित समय के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
दूसरे राज्यों में भी बदला SIR का कार्यक्रम
महाराष्ट्र के साथ कुछ अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी SIR से जुड़ी समयसीमा में बदलाव किया गया है। आंध्र प्रदेश और हरियाणा में नोटिस जारी करने के साथ दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 20 नवंबर 2026 तक चलेगी। वहीं, दिल्ली में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 25 नवंबर कर दी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में नोटिस जारी करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया 15 दिसंबर तक पूरी होगी।
तेलंगाना में भी संशोधित कार्यक्रम लागू किया गया है। यहां नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निपटारे के लिए 26 नवंबर 2026 की तारीख तय की गई है।
किन राज्यों में 30 नवंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट?
चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, महाराष्ट्र के अलावा आंध्र प्रदेश, हरियाणा, नागालैंड और तेलंगाना में भी मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा। दूसरी तरफ, दिल्ली के मतदाताओं को अंतिम सूची के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। यहां फाइनल वोटर लिस्ट 22 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
कुल मिलाकर, SIR की प्रक्रिया में तारीखें बढ़ाए जाने से मतदाताओं को अपने नाम और विवरण से जुड़ी गड़बड़ियां ठीक कराने का अतिरिक्त अवसर मिला है। ऐसे में मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे संशोधित कार्यक्रम पर नजर रखें और तय समयसीमा के भीतर दावे या आपत्तियां दर्ज कराएं।



