Abhijeet Vanjari: RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत, अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी बार दर्ज की विजय

Abhijeet Vanjari: नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट पर कांग्रेस की जीत से बढ़ी सियासी चर्चा, जानिए वकील से नेता बने अभिजीत वंजारी का राजनीतिक सफर

Abhijeet Vanjari: महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी की जीत ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस की इस जीत को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गृहक्षेत्र और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की राजनीतिक कर्मभूमि भी है।

चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस ने 12 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन पार्टी को केवल नागपुर में जीत मिली। ऐसे में अभिजीत वंजारी की सफलता कांग्रेस के लिए खास बन गई है। उन्होंने लगातार दूसरी बार नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की है। इससे पहले वर्ष 2020 में भी वह इस सीट से निर्वाचित हुए थे।

दूसरी बार विधान परिषद पहुंचे अभिजीत वंजारी

अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा जीत हासिल कर इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ कायम रखी है। स्नातक मतदाताओं के लिए बने इस निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षित मतदाताओं, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा का हिस्सा रहे हैं।

वंजारी ने अपनी जीत के बाद कहा कि पिछले छह वर्षों में उन्होंने स्नातक मतदाताओं की समस्याओं को समझने और उनके मुद्दों पर काम करने की कोशिश की। उन्होंने युवाओं और छात्रों के साथ संवाद किया तथा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं से संपर्क बनाए रखा। उनके मुताबिक, इसी काम का लाभ उन्हें चुनाव में मिला।

राजनीतिक परिवार से है अभिजीत वंजारी का संबंध

अभिजीत वंजारी नागपुर के राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता गोविंदराव मारोतराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। पिता की राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनके काम से प्रेरित होकर अभिजीत ने भी राजनीति में कदम रखा।

हालांकि, राजनीति में उनकी पहचान केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि तक सीमित नहीं रही। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और आगे चलकर कांग्रेस संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।

वकालत की पढ़ाई से छात्र राजनीति तक का सफर

अभिजीत वंजारी ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कानून की डिग्री हासिल की और पेशे से वकील बने। विश्वविद्यालय की राजनीति में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही। वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंधन परिषद के सदस्य रह चुके हैं।

छात्र जीवन के दौरान उन्होंने कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) में काम किया। वह NSUI की महाराष्ट्र इकाई के महासचिव भी रहे। इसके बाद महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव की जिम्मेदारी संभाली।

संगठनात्मक अनुभव के चलते उन्हें चुनावी जिम्मेदारियां भी मिलीं। रिपोर्ट के मुताबिक, वह उत्तर प्रदेश और बिहार में कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं।

‘नागपुर अब बीजेपी का गढ़ नहीं रहेगा’

जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने नागपुर की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि छह साल पहले जब वह पहली बार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे, तब इस क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं हुआ था। इसके बाद उन्होंने स्नातकों, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने का प्रयास किया।

वंजारी ने दावा किया कि मतदाताओं के बीच किए गए काम और उनसे लगातार संपर्क बनाए रखने का फायदा उन्हें मिला। उन्होंने नागपुर को बीजेपी का गढ़ मानने की धारणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब कांग्रेस का गढ़ बना रहेगा।

यह वंजारी का चुनावी जीत के बाद दिया गया राजनीतिक बयान है। नागपुर में भविष्य में किस दल की स्थिति कैसी रहेगी, इसका आकलन आगे के चुनावों और मतदाताओं के रुख से होगा।

राहुल गांधी की तारीफ में क्या बोले वंजारी?

अभिजीत वंजारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्षों में छात्रों और युवाओं के साथ संवाद के कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया है।

वंजारी के अनुसार, युवाओं के बीच राहुल गांधी की सक्रियता का प्रभाव नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भी देखने को मिला। उन्होंने इस जीत को युवाओं और छात्रों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के प्रयासों से जोड़ा।

हालांकि, चुनाव परिणाम के पीछे अलग-अलग स्थानीय और राजनीतिक कारण हो सकते हैं। वंजारी ने युवाओं से संवाद और अपने क्षेत्र में किए गए काम को जीत का प्रमुख कारण बताया है।

कांग्रेस के लिए नागपुर की जीत क्यों अहम?

चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में कांग्रेस के 12 उम्मीदवारों में से केवल अभिजीत वंजारी को जीत मिलने के कारण नागपुर का परिणाम पार्टी के लिए खास महत्व रखता है। यह जीत ऐसे क्षेत्र में मिली है, जिसे लंबे समय से RSS और बीजेपी के प्रभाव वाला इलाका माना जाता है।

दूसरी ओर, इस परिणाम के आधार पर पूरे विदर्भ या महाराष्ट्र में किसी एक दल की व्यापक स्थिति का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। विधान परिषद की स्नातक सीट का चुनाव स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार की सक्रियता और मतदाताओं की प्राथमिकताओं से भी प्रभावित होता है।

फिलहाल, अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत ने नागपुर में कांग्रेस की मौजूदगी को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

writtenm by Siddhi Srivastava

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