
Sonia Gandhi’s Revelation:कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी अपनी आने वाली किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ के जरिए जिंदगी से जुड़े कई अहम अनुभव साझा करने जा रही हैं। उन्होंने बताया है कि जब राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात सामने आई थी, तब वह इसके पक्ष में नहीं थीं। उनके इस खुलासे ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है।
सोनिया गांधी की यह किताब 10 नवंबर 2026 को लॉन्च होने वाली है। इसके जरिए वह अपने जीवन, परिवार और राजीव गांधी के साथ बिताए पलों को अपनी नजर से लोगों के सामने रखेंगी।
सोनिया गांधी ने अपनी कहानी खुद लिखने का फैसला क्यों किया?
सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अपनी किताब के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दूसरे लोग उनके जीवन के बारे में लिखते और अपनी राय रखते रहे हैं। इनमें कई बातें ऐसी भी थीं, जिन्हें वह सही नहीं मानती थीं।
उनके मुताबिक, उनके बारे में लिखी गई कुछ बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जबकि कुछ बातें वास्तविकता से मेल नहीं खाती थीं। इसी वजह से उन्होंने अपने अनुभवों और घटनाओं को खुद लिखने का फैसला किया, ताकि लोग उनकी जिंदगी को उनके नजरिए से समझ सकें।

‘यह मेरा पक्ष नहीं, मेरी अपनी कहानी है’
सोनिया गांधी ने अपनी किताब को केवल अपना पक्ष रखने का माध्यम बताने के बजाय इसे अपनी कहानी कहा। उन्होंने माना कि किताब पढ़ने के बाद कुछ लोगों की उनके बारे में राय बदल सकती है, जबकि कुछ लोग पहले की तरह ही सोच सकते हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि किताब के सामने आने के बाद इस पर चर्चा और बहस हो सकती है। सोनिया के अनुसार, सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के बारे में अलग-अलग विचार होना स्वाभाविक है। वह अब अपने अनुभवों को सीधे पाठकों तक पहुंचाना चाहती हैं।
कैम्ब्रिज के रेस्टोरेंट में शुरू हुई थी प्रेम कहानी
सोनिया गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राजीव गांधी के साथ पहली मुलाकात और उनके रिश्ते की शुरुआत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी प्रेम कहानी कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्टोरेंट से शुरू हुई थी।
सोनिया के मुताबिक, राजीव गांधी के साथ उन्होंने प्यार, हंसी और यादों से भरी जिंदगी बिताई। अपनी किताब के माध्यम से वह उस निजी दुनिया की कुछ झलकियां पाठकों के साथ साझा करेंगी।
राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने को लेकर क्या था उनका रुख?
सोनिया गांधी का यह खुलासा किताब से जुड़ी सबसे चर्चित बातों में शामिल है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें।
राजीव गांधी ने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री पद संभाला था। उस समय देश राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था। सोनिया गांधी के इस बयान से उनके पारिवारिक जीवन और उस समय की परिस्थितियों को समझने का एक नया नजरिया सामने आ सकता है।
10 नवंबर को आएगी किताब
‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ में सोनिया गांधी अपने जीवन से जुड़े अनुभवों और यादों को साझा करेंगी। किताब के जरिए पाठकों को उनके निजी जीवन, राजीव गांधी के साथ रिश्ते और सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
अब पाठकों की नजर इस बात पर है कि किताब में सोनिया गांधी अपने जीवन के किन दूसरे पहलुओं और घटनाओं का खुलासा करती हैं।



