
Mallikarjun Kharge: बिहार की राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त भारी अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बेहद तीखी, आक्रामक और विवादित टिप्पणी कर डाली। बिहार की धरती से कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दिए गए इस बयान के बाद पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में अचानक उबाल आ गया है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) व एनडीए खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
“बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में चोरी की सरकारें”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार समेत देश के कई राज्यों की मौजूदा सरकारों पर सीधा हमला बोला। खरगे ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसी जगह पर जनता के वास्तविक जनादेश को दरकिनार कर गैर-लोकतांत्रिक तरीके से सरकारें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से “वोट चोरी” करके बनाई गई सरकारें हैं और लोकतंत्र में ऐसी सरकारों का बने रहना जनता के अधिकारों पर सीधा डाका डालने जैसा है।
भीड़ से व्यक्ति ने टोका तो खो बैठे आपा
मल्लिकार्जुन खरगे जब मंच से एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे थे, तभी बापू सभागार में मौजूद दर्शकों के बीच खड़े एक व्यक्ति ने उन्हें बीच भाषण में टोक दिया। उस व्यक्ति ने जोर से कहा— “मोदी कभी नहीं जाएगा!”
शख्स की यह बात सुनते ही कांग्रेस अध्यक्ष अपना आपा खो बैठे। उन्होंने बिना किसी झिझक के मंच से गरजते हुए और बेहद तल्ख लहजे में कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा!” खरगे का यह बयान माइक के जरिए जैसे ही पूरे सभागार में गूंजा, वहां मौजूद लोगों के बीच सन्नाटा छा गया और तुरंत बाद तीखी गहमागहमी व हंगामे का माहौल बन गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जहां नारेबाजी शुरू कर दी, वहीं कई अन्य लोगों ने इस भाषा के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई।
सियासी घमासान तेज, बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया तय
मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान सामने आते ही बिहार से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे देश के प्रधानमंत्री के पद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादा का घोर अनादर करार दिया है। बीजेपी का कहना है कि भाषा की मर्यादा लांघना और ऐसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग करना कांग्रेस की हताशा और बौखलाहट को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव और बिहार की गर्माई राजनीति के बीच खरगे की इस अमर्यादित टिप्पणी से विपक्ष को रक्षात्मक मुद्रा में आना पड़ सकता है, जबकि सत्ता पक्ष इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रुख अपनाएगा। फिलहाल, पटना का यह विवादित वाकया सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुका है।
written by Siddhi Srivastava



