
Albania Protests: यूरोपीय देश अल्बानिया की राजधानी तिराना इस समय भीषण सरकार विरोधी प्रदर्शनों की आग में जल रही है। सड़कों पर दंगा-रोधी पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच युद्ध जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए उन पर आतिशबाजी के रॉकेट और पत्थर दागे, जिससे कई इलाकों में आग लग गई और सड़कें जंग का मैदान बन गईं।
पीएम एडी रामा के इस्तीफे की मांग
अल्बानिया में सरकार के कथित भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा के गिरते स्तर के खिलाफ छात्रों और आम नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री एडी रामा (Edi Rama) के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों, बैंकों और दुकानों को निशाना बनाया और पुलिस पर फेंकने के लिए सड़कों के पत्थर तक उखाड़ लिए।
पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट
उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए दंगा-रोधी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रदर्शनकारियों द्वारा कृषि मंत्रालय के मुख्य द्वार पर आग लगाने के जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का प्रयोग किया और रबर की गोलियां चलाईं। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस हिंसक झड़प से राजधानी तिराना समेत कई शहरों में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जेरेड कुशनर के प्रोजेक्ट से भी जुड़ा है विवाद
अल्बानिया में जारी यह अशांति गर्मियों के दौरान शुरू हुए उन विरोध-प्रदर्शनों के बाद तेज हुई है, जो अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के एक लग्जरी प्रोजेक्ट के खिलाफ किए गए थे। कुशनर द्वारा अल्बानिया के समुद्र तट पर बनाए जा रहे इस रिसॉर्ट प्रोजेक्ट का स्थानीय लोग और पर्यावरणविद लगातार विरोध कर रहे थे, जो अब व्यापक सरकार विरोधी आंदोलन का रूप ले चुका है।
यूरोप में फैल रहा असंतोष
विशेषज्ञों के अनुसार, अल्बानिया में हो रही यह हिंसा अकेले इस देश तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, इटली, स्पेन और पुर्तगाल जैसे कई यूरोपीय देशों में जीवन-यापन की लागत (Cost of Living), पेंशन, महंगाई और आवास संकट को लेकर चल रहे व्यापक जन-असंतोष का ही एक हिस्सा है।
written by Siddhi Srivastava



