
Voter List : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम की कई प्रविष्टियां मिलने के मामले में निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की शिकायत के बाद हुई जांच में मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद एक कंप्यूटर ऑपरेटर और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची के काम से हटाने तथा उनके खिलाफ एफआईआर और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा तत्कालीन दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और एक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वोटर लिस्ट में कैसे सामने आया मामला?
समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए दावा किया था कि आजमगढ़ के एक विधानसभा क्षेत्र में विकास यादव नाम के युवक की प्रविष्टियां कई जगह दर्ज हैं। पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित युवक को भी पेश किया था। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी।
जांच में विकास यादव नाम से जुड़ी कई प्रविष्टियां सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति का वास्तविक नाम विकास यादव पाया गया, जबकि अन्य प्रविष्टियों में नाम और विवरण से संबंधित त्रुटियां मिलीं। इन गलतियों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित लोगों से फॉर्म-8 भरवाया गया है। यह फॉर्म मतदाता सूची में विवरण संशोधित कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
कंप्यूटर ऑपरेटर और पांच BLO पर कार्रवाई
जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर और पांच बीएलओ की लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें मतदाता सूची से संबंधित कार्यों से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
मामले में तत्कालीन दो ERO और एक AERO की भूमिका की भी जांच की गई है। इन तीनों अधिकारियों को नोटिस और आरोपपत्र जारी कर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे जिले की मतदाता सूची की जांच के आदेश
निर्वाचन आयोग ने आजमगढ़ जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कराने को कहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस जांच के जरिए अन्य क्षेत्रों में भी नाम और विवरण संबंधी संभावित त्रुटियों का पता लगाया जाएगा।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का यह मामला राजनीतिक रूप से भी अहम हो गया है। सपा ने इस मुद्दे पर निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे। अब आयोग की कार्रवाई और जिलेभर की जांच के नतीजों पर नजर रहेगी।



