Congress Rally: कांग्रेस की महारैली की तारीख पर BJP का हमला, गौरव वल्लभ बोले- ‘सिखों से माफी मांगने के बजाय रैली कर रही कांग्रेस’

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली से पहले बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया और पंजाब चुनाव को लेकर दावा किया।

Congress Rally: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को होने वाली कांग्रेस की महारैली को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस रैली का नाम ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रखा है। पार्टी इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित कर रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने रैली की तारीख पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस को इस दिन सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन पार्टी महारैली आयोजित कर रही है।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी कांग्रेस की महारैली

कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को बड़ी महारैली आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाना है। कांग्रेस लगातार SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठा रही है।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के नेताओं के साथ बैठक कर रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की है। पार्टी की ओर से ब्लॉक और जिला स्तर के नेताओं को भी भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किए जाने की बात सामने आई है।

केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि 1 नवंबर को होने वाली रैली देश की सबसे बड़ी राजनीतिक रैलियों में से एक होगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के साथ मार्च भी निकाला जाएगा।

वेणुगोपाल ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। हालांकि, कांग्रेस के इन आरोपों को संबंधित तथ्यों और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर देखा जाना जरूरी है।

BJP ने 1 नवंबर की तारीख पर क्यों उठाए सवाल?

कांग्रेस की महारैली पर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 1 नवंबर की तारीख को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को इस दिन सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए थी।

गौरव वल्लभ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सिख समुदाय के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा, “जिस दिन दिल्ली की सड़कों पर सिख समाज के लोगों को जिंदा जलाया गया, कांग्रेस पार्टी उस दिन भी अपनी तुच्छ और छोटी राजनीति से बाज नहीं आ रही है।”

बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 1 नवंबर को पार्टी को माफी मांगने के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए था। उनके बयान के बाद कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली की तारीख को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।

गौरव वल्लभ की टिप्पणी राजनीतिक आरोप के तौर पर सामने आई है। कांग्रेस की ओर से इस विशेष तारीख पर रैली आयोजित करने के पीछे घोषित उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाना है।

1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा है विवाद

बीजेपी के बयान में 1984 के सिख विरोधी दंगों का संदर्भ है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के लोगों के खिलाफ हिंसा हुई थी। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था।

इन दंगों को लेकर दशकों से राजनीतिक बहस जारी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने, दोषियों की जवाबदेही तय करने और राजनीतिक दलों की भूमिका जैसे मुद्दे समय-समय पर चर्चा में आते रहे हैं।

बीजेपी कांग्रेस पर इस विरासत को लेकर सवाल उठाती रही है, जबकि कांग्रेस की ओर से अलग-अलग मौकों पर दंगों को लेकर खेद और माफी से जुड़े बयान दिए गए हैं। ऐसे में 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली को लेकर बीजेपी ने एक बार फिर 1984 की हिंसा का मुद्दा उठाया है।

पंजाब चुनाव में कांग्रेस को नुकसान होने का दावा

गौरव वल्लभ ने अपने बयान में पंजाब की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग कांग्रेस के इस फैसले को देख रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका नुकसान हो सकता है।

बीजेपी नेता ने कहा कि आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायकों की संख्या सिंगल डिजिट में रह जाएगी। यह उनका राजनीतिक दावा है, चुनाव परिणाम नहीं। पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहेगा, इसका आकलन मतदाताओं के रुझान, चुनावी मुद्दों, गठबंधनों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर ही किया जा सकता है।

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SIR के मुद्दे पर कांग्रेस और BJP आमने-सामने

कांग्रेस की महारैली का घोषित एजेंडा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल हैं। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए जाने चाहिए।

दूसरी ओर, बीजेपी ने रैली के राजनीतिक उद्देश्य और उसकी तारीख को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। इस तरह एक ही कार्यक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच अलग-अलग मुद्दों पर टकराव सामने आया है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की महारैली में कितनी भागीदारी होती है, विपक्षी दल इसमें शामिल होते हैं या नहीं और बीजेपी के आरोपों पर कांग्रेस क्या जवाब देती है। फिलहाल, चुनाव प्रक्रिया से शुरू हुआ यह विवाद 1984 के सिख विरोधी दंगों और पंजाब की राजनीति तक पहुंच गया है।

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