Tibet Earthquake: तिब्बत में फिर आया भूकंप, कुछ घंटों में तीन बार डोली धरती; चीन में भी महसूस हुए झटके, जानें तीव्रता

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, तिब्बत में 4.0, 4.6 और 4.5 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए। चीन में भी 4.6 तीव्रता का भूकंप आया।

Tibet Earthquake: तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी। शनिवार, 24 अक्टूबर को कुछ ही घंटों के भीतर एक के बाद एक तीन भूकंप दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0, 4.6 और 4.5 मापी गई। लगातार झटकों के कारण स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल रहा। वहीं, चीन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इन घटनाओं में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

तिब्बत में कुछ घंटों के भीतर तीन भूकंप

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को तिब्बत में तीन बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता क्रमशः 4.0, 4.6 और 4.5 रही। इनमें सबसे अधिक तीव्रता का झटका 4.6 का था।

रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों भूकंप भारतीय समयानुसार रात करीब एक बजे से सुबह छह बजे के बीच आए। इनका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। लगातार झटके महसूस होने से लोगों की चिंता बढ़ गई। भूकंप के दौरान एहतियात के तौर पर लोग घरों से बाहर निकल आए।

हालांकि, इन झटकों के कारण किसी बड़े नुकसान या लोगों के हताहत होने की तत्काल आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई। स्थिति को लेकर आगे की जानकारी संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

22 अक्टूबर के भूकंप से पहले ही दहशत में थे लोग

तिब्बत में हालिया झटकों से पहले 22 अक्टूबर को भी शक्तिशाली भूकंप आने की खबर सामने आई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उस भूकंप की तीव्रता 7.0 बताई गई थी। इसके कारण क्षेत्र में भारी नुकसान होने और कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई थीं।

रिपोर्ट में 15 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों घरों के क्षतिग्रस्त या ढहने का जिक्र किया गया था। ऐसे में शनिवार को फिर से भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

हालांकि, 22 अक्टूबर के भूकंप से जुड़ी जनहानि और नुकसान के आंकड़ों की पुष्टि के लिए संबंधित प्रशासन और आधिकारिक आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अपडेट देखना जरूरी है।

चीन में भी आया 4.6 तीव्रता का भूकंप

तिब्बत के अलावा चीन में भी शनिवार सुबह भूकंप दर्ज किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह 4 बजकर 9 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप आया।

इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप का केंद्र 32.920 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.761 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।

इससे पहले शुक्रवार सुबह भी चीन में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस दौरान सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र जमीन से लगभग 15 किलोमीटर नीचे बताया गया।

फिलहाल इन घटनाओं से जुड़े नुकसान और जनहानि को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

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बार-बार क्यों महसूस होते हैं भूकंप के झटके?

भूकंप के बाद उसी क्षेत्र में दोबारा आने वाले झटकों को आफ्टरशॉक कहा जाता है। बड़े भूकंप के बाद पृथ्वी की चट्टानों और भूगर्भीय संरचनाओं में तनाव का पुनर्वितरण होता है, जिसके कारण आगे भी झटके आ सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष भूकंप को आफ्टरशॉक बताने के लिए उसके स्थान, समय और भूगर्भीय संबंधों का वैज्ञानिक विश्लेषण जरूरी होता है।

भूकंप के दौरान लोगों को खुले स्थान पर जाना चाहिए और इमारतों, बिजली के खंभों तथा अन्य संभावित खतरों से दूर रहना चाहिए। यदि बाहर निकलना संभव न हो, तो मजबूत मेज के नीचे छिपकर सिर और गर्दन को सुरक्षित रखना चाहिए। झटके रुकने के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस जाने से पहले प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

तिब्बत और चीन में लगातार दर्ज हो रहे भूकंप के झटकों के बीच फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात आधिकारिक स्थिति और नुकसान से जुड़ी जानकारी पर नजर रखना है।

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