
Lucknow News-68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर न्याय की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने विजयादशमी के अवसर पर ‘आरक्षण चोर’ नाम से प्रतीकात्मक रावण के पुतले का दहन किया। अभ्यर्थियों ने इस माध्यम से भर्ती में कथित आरक्षण अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उनका धरना-प्रदर्शन लगातार 50वें दिन भी जारी रहा।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर करने और न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस मामले में अब तक उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है।
विजयादशमी पर प्रतीकात्मक पुतला दहन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी संदेश के साथ अभ्यर्थियों ने ‘आरक्षण चोर’ के पुतले का दहन कर अपना विरोध जताया। उन्होंने योगी सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भर्ती में आरक्षण संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगाए। अभ्यर्थियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पुतला दहन का उद्देश्य सरकार और संबंधित विभाग का ध्यान उनकी लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है। उनका कहना है कि जब तक आरक्षण संबंधी विसंगतियों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
50 दिनों से जारी है धरना
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी पिछले कई वर्षों से न्याय की मांग कर रहे हैं। लगातार धरना देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनमें नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को अब निर्णायक चरण तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।
आंदोलन के नेतृत्वकर्ता तूफान सिंह ने घोषणा की कि मांगों पर उचित निर्णय होने तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 26 अक्टूबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। अभ्यर्थियों ने सरकार से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रहे मौजूद
विजयादशमी पर आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, भूपेंद्र चौधरी, मोहित अहलावत, सच्चिदानंद, विनोद प्रजापति, शिवशंकर गौड़, राम प्रवेश, संजीव वर्मा, मनीष पटवा, नशीम, तारीक, मनोज, जोगिंदर, अजीत, हरीश चंद्र, भूपेन्द्र, अरविंद और अरुण सहित सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए।
अभ्यर्थियों ने एक बार फिर दोहराया कि उनका आंदोलन भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान और न्याय की मांग को लेकर है। अब सभी की निगाहें सरकार और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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