UP News-रास्ते के अतिक्रमण पर अड़े रामलीला के कलाकार, रावण दहन का बहिष्कार कर धरने पर बैठे

UP News: Ramlila performers protest over encroachment on the path; boycott the 'Ravan Dahan' (burning of the Ravan effigy) and stage a sit-in.

UP News-महेवा कला में 111वें वर्ष की रामलीला के दौरान मंगलवार को विजय दशमी का जुलूस निकालने को लेकर विवाद हो गया। रास्ते के अतिक्रमण और जुलूस के दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद में रामलीला समिति के पदाधिकारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इससे नाराज राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की भूमिका निभा रहे कलाकारों ने विजय जुलूस रोक दिया और रावण दहन की लीला का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। कलाकारों ने रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें मनाकर जुलूस निकलवाने का प्रयास करती रही।

रामलीला के प्रबंधन निदेशक आशुतोष श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि करीब 20 वर्ष पहले रामलीला मंच पर लगे पोल का तार काट दिया गया था। इसके बाद रामलीला के मुख्य मार्ग पर सेप्टिक टैंक बनाने, लोहे के एंगल लगाने और छत ढालने से रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया। इस संबंध में वर्ष 2011 में उपजिलाधिकारी मेजा के न्यायालय से मार्ग को अतिक्रमणमुक्त कराने का आदेश भी पारित हुआ था। इसके बावजूद अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। समिति की ओर से लगातार अधिकारियों को पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की जाती रही है।

तहरीर के मुताबिक, पिछले वर्ष भी विजय दशमी का रथ निकालने के दौरान विवाद हुआ था। उस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मौके पर पहुंचे एसीपी मेजा ने भी विवाद का निस्तारण कराने की बात कही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

मंगलवार को विजय जुलूस निकालने की तैयारी के दौरान डीजे बजाने से रोकने को लेकर फिर विवाद हो गया। समिति के पदाधिकारियों के साथ कथित मारपीट के बाद कलाकारों और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। भगवान राम, लक्ष्मण और सीता सहित अन्य पात्रों की वेशभूषा में कलाकार रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके चलते विजय जुलूस और रावण दहन की लीला प्रभावित हुई। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और पुलिस विवाद सुलझाने के प्रयास में जुटी थी।

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