Shashi Tharoor: शशि थरूर बोले- भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस; हमारा मकसद निष्पक्ष चुनाव

Shashi Tharoor: SIR विवाद पर थरूर बोले- मांग निष्पक्ष चुनाव की, सरकार गिराने की नहीं।

Shashi Tharoor: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सत्ता परिवर्तन यानी ‘रिजीम चेंज’ और बांग्लादेश का उदाहरण दिए जाने के बाद इस मुद्दे पर विवाद बढ़ गया है। इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है कि भारत की तुलना न तो बांग्लादेश से की जा सकती है और न ही फ्रांस से। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का उद्देश्य हिंसा या सरकार गिराना नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग करना है।

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का महत्व है। उन्होंने फ्रांस में हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बसों और पुलिस स्टेशनों में आगजनी जैसी घटनाओं का समर्थन नहीं किया जा सकता।

‘हम शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास करते हैं’

शशि थरूर ने कहा कि वह शांतिपूर्ण विरोध के पक्षधर हैं और खुद भी ऐसे प्रदर्शनों में हिस्सा ले चुके हैं। उनके मुताबिक, विपक्ष भी आम तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने का समर्थन करता है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में हुई घटनाओं की तुलना करके भारत की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को समझना सही नहीं है। थरूर ने फ्रांस में हुई हिंसा से दूरी बनाते हुए कहा कि भारत में विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए।

‘हमारी मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की है’

रिजीम चेंज शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि इस तरह के शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटता है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की मुख्य मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।

कांग्रेस सांसद ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने को चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार, इसी वजह से विपक्ष SIR की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहा है। उन्होंने इसे संवैधानिक मुद्दा बताते हुए कहा कि इसका सरकार गिराने की कोशिश से कोई संबंध नहीं है।

थरूर का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटने की संख्या और उसके कारणों को लेकर संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और चुनाव आयोग के पक्ष को भी देखना आवश्यक है।

लोकतंत्र की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी: थरूर

शशि थरूर ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, नागरिकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के अनुरूप काम करने वाली संस्थाओं के प्रति जवाबदेही की मांग करने का अधिकार है।

उन्होंने निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे अपनी जिम्मेदारियों को समझने और संविधान के अनुसार कार्य करने की अपेक्षा की जाती है। थरूर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य संस्थाओं को चुनौती देना नहीं, बल्कि उनके काम करने के तरीके और व्यवहार पर सवाल उठाना है।

SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयानों ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

बीजेपी की ओर से इन बयानों को लेकर साजिश संबंधी आरोप लगाए जाने के बीच थरूर ने विपक्ष की मांगों को चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बताया है। इस तरह, विवाद के केंद्र में मतदाता सूची की समीक्षा, चुनाव आयोग की भूमिका और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार जैसे मुद्दे बने हुए हैं।

written by Siddhi Srivastava

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