Shafali Verma World Record: शेफाली वर्मा ने रचा इतिहास, स्मृति मंधाना को पीछे छोड़ टी20 में बनाया अनोखा रिकॉर्ड

Shafali Verma World Record: जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में शेफाली ने 25 गेंदों पर बनाए 55 रन, एक कैलेंडर वर्ष में 9 बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाकर हासिल की खास उपलब्धि

Shafali Verma World Record: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार अर्धशतकीय पारी खेलकर शेफाली एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा बार 50 या उससे अधिक रन बनाने वाली महिला खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने इस मामले में भारतीय टीम की कप्तान स्मृति मंधाना को पीछे छोड़ दिया।

रविवार को रायपुर में खेले गए मुकाबले में शेफाली ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों पर 55 रन बनाए। उनकी इस पारी की मदद से भारत ने जिम्बाब्वे के 103 रन के लक्ष्य को महज 8.5 ओवर में हासिल कर लिया। भारतीय टीम ने यह मुकाबला नौ विकेट से जीतकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

एक साल में 9 बार 50 से ज्यादा रन, शेफाली बनीं नंबर-1

शेफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक बार 50 या उससे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वह इस साल नौ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं।

इससे पहले भारतीय बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 2024 में आठ बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाए थे। अब शेफाली उनसे आगे निकल गई हैं। इस सूची में भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज और हॉन्ग कॉन्ग की नताशा माइल्स का नाम भी शामिल है।

महिला टी20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक 50+ स्कोर

खिलाड़ी 50+ स्कोर टीम
शेफाली वर्मा 9 भारत
स्मृति मंधाना 8 भारत
मिताली राज 7 भारत
नताशा माइल्स 7 हॉन्ग कॉन्ग

नोट: ये आंकड़े उपलब्ध कराई गई खबर पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले आधिकारिक क्रिकेट आंकड़ों से रिकॉर्ड की पुष्टि कर लें।

24 गेंदों में अर्धशतक, भारत के लिए भी खास उपलब्धि

जिम्बाब्वे के खिलाफ शेफाली ने तेज शुरुआत की और महज 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने 25 गेंदों पर 55 रन की पारी खेली, जिसमें आक्रामक शॉट्स के जरिए भारतीय टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, यह महिला टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज अर्धशतक था। उनकी बल्लेबाजी ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया और भारत को कम समय में जीत दिलाने में मदद की।

स्मृति मंधाना ने भी खेली शानदार पारी

भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने भी जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ प्रभावशाली बल्लेबाजी की। वह 25 गेंदों पर 47 रन बनाकर नाबाद लौटीं। शेफाली और स्मृति के बीच हुई तेज बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम ने 103 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।

इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों को लक्ष्य का पीछा करने में ज्यादा समय नहीं लगा। टीम ने केवल 8.5 ओवर में जीत दर्ज कर अपनी बल्लेबाजी की क्षमता का प्रदर्शन किया।

जिम्बाब्वे की टीम 102 रन पर सिमटी

दूसरे टी20 मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 102 रन ही बना सकी। भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोके रखा।

इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत से ही रन गति तेज रखी। शेफाली के अर्धशतक और स्मृति की नाबाद पारी की बदौलत भारत ने नौ विकेट से मुकाबला जीत लिया।

स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारत ने जीती पहली सीरीज

खबर के मुताबिक, हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए कप्तान के तौर पर शुरुआती बड़ी उपलब्धि बनी।

भारत ने पहले टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को चार विकेट से हराया था। दूसरे मैच में नौ विकेट से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

इस जीत के साथ भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली, जबकि शेफाली वर्मा के रिकॉर्ड ने इस मुकाबले को व्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी खास बना दिया।

शेफाली के रिकॉर्ड से भारतीय महिला क्रिकेट को मिली नई उपलब्धि

शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी पारी ने एक बार फिर दिखाया कि वह तेज रन बनाने के साथ बड़े व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी हासिल कर सकती हैं।

एक कैलेंडर वर्ष में नौ बार 50 से ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनकी निरंतरता को दर्शाता है। वहीं, स्मृति मंधाना की कप्तानी में सीरीज जीत भारतीय टीम के लिए एक और अहम उपलब्धि रही।

written by Siddhi Srivatsva

Show More

Related Articles

Back to top button